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Chandigarh News: विक्रम वाधवा को भगाने की साजिश में दो पुलिसकर्मी और दोनों बेटों को 14 दिन की जेल
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चंडीगढ़। 645 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को इलाज के बहाने निजी होटल ले जाकर फरार कराने की साजिश के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को बुधवार को जिला अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने दो पुलिसकर्मियों और विक्रम वाधवा के दोनों बेटों समेत चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बुड़ैल जेल भेजा गया।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एसआई जगमेहर सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, करण वाधवा और कुनाल वाधवा के रूप में हुई है। आरोप है कि पुलिस सुरक्षा और मिलीभगत का फायदा उठाकर विक्रम वाधवा को जेल से बाहर निकालने और फिर फरार कराने की योजना बनाई गई थी। इस घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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चारों आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में इन चारों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना ने जेल में बंद हाई-प्रोफाइल आरोपियों की सुरक्षा और उनकी निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अदालत ने दो पुलिसकर्मियों और विक्रम वाधवा के दोनों बेटों समेत चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बुड़ैल जेल भेजा गया।
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मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एसआई जगमेहर सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, करण वाधवा और कुनाल वाधवा के रूप में हुई है। आरोप है कि पुलिस सुरक्षा और मिलीभगत का फायदा उठाकर विक्रम वाधवा को जेल से बाहर निकालने और फिर फरार कराने की योजना बनाई गई थी। इस घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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चारों आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में इन चारों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना ने जेल में बंद हाई-प्रोफाइल आरोपियों की सुरक्षा और उनकी निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।