{"_id":"6a735acce18039d6610930f4","slug":"a-sibling-died-after-being-attacked-by-a-female-bear-while-a-third-sister-who-arrived-to-rescue-them-was-seri-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanker News: मादा भालू के हमले से भाई-बहन की मौत, बचाने पहुंची तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल; गांव में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanker News: मादा भालू के हमले से भाई-बहन की मौत, बचाने पहुंची तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल; गांव में दहशत
Wed, 05 Aug 2026 09:16 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:16 PM IST
सार
कांकेर जिले के मरकाटोला-लारगांव में मादा भालू के हमले से दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन
मादा भालू के हमले से भाई-बहन की मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नरहरपुर वन परिक्षेत्र में मादा भालू के हमले में दो सगे भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंची तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कांकेर जिले के सरोना थाना क्षेत्र अंतर्गत नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला-लारगांव में बुधवार को दर्दनाक घटना सामने आई। खेत में काम कर रहे एक ग्रामीण पर मादा भालू ने हमला कर दिया। भाई को बचाने पहुंची उसकी बहन भी भालू के हमले का शिकार हो गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
सरोना थाना प्रभारी योगेंद्र वर्मा के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र में भालुओं का एक झुंड लंबे समय से विचरण करता है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। इसके बाद मादा भालू अत्यधिक आक्रामक हो गई और पहाड़ी के नीचे खेत में बैल चरा रहे हलाल खोर जुर्री (42 वर्ष) पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
भाई पर हमला होते देख उसकी बहन चमरीन बाई (40 वर्ष) उसे बचाने दौड़ी, लेकिन उग्र भालू ने उस पर भी हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर तीसरी बहन खोरीन बाई भी मौके पर पहुंची, लेकिन वह भी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के बाद मादा भालू काफी देर तक दोनों शवों के पास मंडराती रही। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर लकड़ियों और शोर-शराबे की मदद से भालू को जंगल की ओर खदेड़ा। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी है। गांव में मुनादी कर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और रात के समय बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है। वन विभाग पूरे क्षेत्र में भालुओं की गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए है।
विज्ञापन
कांकेर जिले के सरोना थाना क्षेत्र अंतर्गत नरहरपुर वन परिक्षेत्र के मरकाटोला-लारगांव में बुधवार को दर्दनाक घटना सामने आई। खेत में काम कर रहे एक ग्रामीण पर मादा भालू ने हमला कर दिया। भाई को बचाने पहुंची उसकी बहन भी भालू के हमले का शिकार हो गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
विज्ञापन
सरोना थाना प्रभारी योगेंद्र वर्मा के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र में भालुओं का एक झुंड लंबे समय से विचरण करता है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। इसके बाद मादा भालू अत्यधिक आक्रामक हो गई और पहाड़ी के नीचे खेत में बैल चरा रहे हलाल खोर जुर्री (42 वर्ष) पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
भाई पर हमला होते देख उसकी बहन चमरीन बाई (40 वर्ष) उसे बचाने दौड़ी, लेकिन उग्र भालू ने उस पर भी हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर तीसरी बहन खोरीन बाई भी मौके पर पहुंची, लेकिन वह भी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के बाद मादा भालू काफी देर तक दोनों शवों के पास मंडराती रही। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर लकड़ियों और शोर-शराबे की मदद से भालू को जंगल की ओर खदेड़ा। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी है। गांव में मुनादी कर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और रात के समय बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है। वन विभाग पूरे क्षेत्र में भालुओं की गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए है।