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छत्तीसगढ़ में AI और उद्योग की नई उड़ान: 500 करोड़ के AI मिशन को मंजूरी, मुंगेली में बनेगा BEML का बड़ा प्लांट
Fri, 07 Aug 2026 07:43 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:43 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीक, रोजगार और औद्योगिक विकास को एक साथ गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ एआई मिशन को मंजूरी दी गई।
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीक, रोजगार और औद्योगिक विकास को एक साथ गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ एआई मिशन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मुंगेली जिले में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इन दोनों परियोजनाओं से राज्य में तकनीकी कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में नए अवसर तैयार होंगे।
छत्तीसगढ़ AI मिशन को अगले पांच वर्षों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय जिलों और छोटे शहरों तक पहुंचाना है। मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में शोध एवं प्रशिक्षण के लिए 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।
7.5 लाख लोगों को AI की ट्रेनिंग
AI मिशन के तहत बड़े पैमाने पर मानव संसाधन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्रों और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने के साथ सरकारी कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
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300 से ज्यादा AI स्टार्टअप को मिलेगा सहयोग
राज्य में AI आधारित कारोबार और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक स्टार्टअप को वित्तीय और तकनीकी सहायता देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए व्यवसाय शुरू होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 50 से ज्यादा AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित की जाएंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
IndiaAI Mission की तर्ज पर राज्य का अपना मॉडल
छत्तीसगढ़ AI मिशन को केंद्र सरकार के IndiaAI Mission से प्रेरित बताया गया है। हालांकि राज्य सरकार का फोकस स्थानीय जरूरतों के अनुरूप AI तकनीक को गांवों, कस्बों और जिलों तक पहुंचाने पर रहेगा। इससे शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुंगेली में बनेगा BEML का हैवी मशीनरी प्लांट
कैबिनेट बैठक में AI मिशन के साथ औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब 80 एकड़ जमीन रियायती दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्रों के लिए भारी मशीनरी तैयार करता है।
खनन और निर्माण उद्योग को मिलेगा फायदा
छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे खनिज उत्पादक राज्यों में भारी मशीनरी की मांग को देखते हुए इस प्लांट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर समेत अन्य भारी उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति को बढ़ावा मिल सकता है।
रोजगार के साथ MSME को भी बढ़ावा
सरकार के अनुसार BEML परियोजना से करीब एक हजार 500 से दो हजार 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 8 हजार से 10 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। प्लांट के आसपास 50 से अधिक MSME इकाइयों के विकसित होने की उम्मीद भी जताई गई है। BEML के प्रमुख निर्माण संयंत्र फिलहाल कर्नाटक और केरल में संचालित हैं। छत्तीसगढ़ में नया प्लांट स्थापित होने से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग पर एक साथ फोकस
राज्य सरकार इन दोनों फैसलों को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले कदम के रूप में देख रही है। एक ओर AI मिशन के जरिए छात्रों, कर्मचारियों और स्टार्टअप को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर BEML प्लांट के जरिए भारी मशीनरी निर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना है।
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छत्तीसगढ़ AI मिशन को अगले पांच वर्षों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय जिलों और छोटे शहरों तक पहुंचाना है। मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में शोध एवं प्रशिक्षण के लिए 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।
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7.5 लाख लोगों को AI की ट्रेनिंग
AI मिशन के तहत बड़े पैमाने पर मानव संसाधन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्रों और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने के साथ सरकारी कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
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300 से ज्यादा AI स्टार्टअप को मिलेगा सहयोग
राज्य में AI आधारित कारोबार और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक स्टार्टअप को वित्तीय और तकनीकी सहायता देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए व्यवसाय शुरू होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 50 से ज्यादा AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित की जाएंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
IndiaAI Mission की तर्ज पर राज्य का अपना मॉडल
छत्तीसगढ़ AI मिशन को केंद्र सरकार के IndiaAI Mission से प्रेरित बताया गया है। हालांकि राज्य सरकार का फोकस स्थानीय जरूरतों के अनुरूप AI तकनीक को गांवों, कस्बों और जिलों तक पहुंचाने पर रहेगा। इससे शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुंगेली में बनेगा BEML का हैवी मशीनरी प्लांट
कैबिनेट बैठक में AI मिशन के साथ औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब 80 एकड़ जमीन रियायती दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्रों के लिए भारी मशीनरी तैयार करता है।
खनन और निर्माण उद्योग को मिलेगा फायदा
छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे खनिज उत्पादक राज्यों में भारी मशीनरी की मांग को देखते हुए इस प्लांट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर समेत अन्य भारी उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति को बढ़ावा मिल सकता है।
रोजगार के साथ MSME को भी बढ़ावा
सरकार के अनुसार BEML परियोजना से करीब एक हजार 500 से दो हजार 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 8 हजार से 10 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। प्लांट के आसपास 50 से अधिक MSME इकाइयों के विकसित होने की उम्मीद भी जताई गई है। BEML के प्रमुख निर्माण संयंत्र फिलहाल कर्नाटक और केरल में संचालित हैं। छत्तीसगढ़ में नया प्लांट स्थापित होने से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग पर एक साथ फोकस
राज्य सरकार इन दोनों फैसलों को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले कदम के रूप में देख रही है। एक ओर AI मिशन के जरिए छात्रों, कर्मचारियों और स्टार्टअप को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर BEML प्लांट के जरिए भारी मशीनरी निर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना है।