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Chhattisgarh: 700 शिक्षकों के तबादले का आदेश जारी, 400 नामों पर लगी रोक; ऑनलाइन ट्रांसफर व्यवस्था पर भी विचार
Sat, 08 Aug 2026 03:53 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 08 Aug 2026 03:53 PM IST
सार
शिक्षा विभाग ने अंतिम परीक्षण के बाद करीब 700 शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। वहीं, स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य निर्धारित मापदंडों को देखते हुए करीब 400 प्रकरणों को रोक दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के तबादले को लेकर चल रही प्रक्रिया का इंतजार अब खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने परीक्षण के बाद करीब 700 शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, करीब 400 शिक्षकों के प्रकरणों को अलग-अलग कारणों के चलते अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तबादलों में स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी गई है।
शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया में शुरुआत में लगभग 1600 शिक्षकों के नाम प्रस्तावित किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर आवेदनों और प्रकरणों की समीक्षा की गई। संशोधित सूची में करीब 1000 शिक्षकों के नाम रखे गए, लेकिन अंतिम परीक्षण के दौरान लगभग 400 प्रकरण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद पात्र पाए गए शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।
विभाग ने तबादले करते समय यह भी देखा कि किसी स्कूल में शिक्षक की कमी न हो। इसी वजह से कुछ श्रेणियों के शिक्षकों को स्थानांतरण सूची से बाहर रखा गया। इनमें प्रमुख रूप से युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक, जिनके हटने से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण और अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक शामिल हैं। विभाग का मानना है कि तबादले के कारण किसी विद्यालय की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया।
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स्थानांतरण के लिए शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों के साथ विभिन्न स्तरों से मिली अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। विभाग ने इन प्रकरणों की कई स्तरों पर जांच की। इसी प्रक्रिया के दौरान प्रारंभिक सूची में शामिल कई नामों को अंतिम सूची से हटाया गया। अब स्वीकृत शिक्षकों के आदेश जारी होने के बाद उनकी नई पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग भविष्य में तबादलों को ऑनलाइन करने की दिशा में भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था लागू करने पर मंथन किया जा रहा है, जिसमें शिक्षक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकें।
ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने पर आवेदन, दस्तावेजों की जांच, प्रकरण की निगरानी और निराकरण की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी। इससे पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था को लागू करने से पहले अन्य राज्यों में संचालित मॉडल का अध्ययन कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में जारी स्थानांतरण आदेश के बाद करीब 700 शिक्षकों की नई पदस्थापना तय हो गई है, जबकि करीब 400 प्रकरणों पर फिलहाल तबादला नहीं किया गया है।
यहां देखें आदेश की कॉपी
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शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया में शुरुआत में लगभग 1600 शिक्षकों के नाम प्रस्तावित किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर आवेदनों और प्रकरणों की समीक्षा की गई। संशोधित सूची में करीब 1000 शिक्षकों के नाम रखे गए, लेकिन अंतिम परीक्षण के दौरान लगभग 400 प्रकरण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद पात्र पाए गए शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।
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विभाग ने तबादले करते समय यह भी देखा कि किसी स्कूल में शिक्षक की कमी न हो। इसी वजह से कुछ श्रेणियों के शिक्षकों को स्थानांतरण सूची से बाहर रखा गया। इनमें प्रमुख रूप से युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक, जिनके हटने से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण और अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक शामिल हैं। विभाग का मानना है कि तबादले के कारण किसी विद्यालय की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया।
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स्थानांतरण के लिए शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों के साथ विभिन्न स्तरों से मिली अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। विभाग ने इन प्रकरणों की कई स्तरों पर जांच की। इसी प्रक्रिया के दौरान प्रारंभिक सूची में शामिल कई नामों को अंतिम सूची से हटाया गया। अब स्वीकृत शिक्षकों के आदेश जारी होने के बाद उनकी नई पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग भविष्य में तबादलों को ऑनलाइन करने की दिशा में भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था लागू करने पर मंथन किया जा रहा है, जिसमें शिक्षक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकें।
ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने पर आवेदन, दस्तावेजों की जांच, प्रकरण की निगरानी और निराकरण की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी। इससे पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था को लागू करने से पहले अन्य राज्यों में संचालित मॉडल का अध्ययन कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में जारी स्थानांतरण आदेश के बाद करीब 700 शिक्षकों की नई पदस्थापना तय हो गई है, जबकि करीब 400 प्रकरणों पर फिलहाल तबादला नहीं किया गया है।
यहां देखें आदेश की कॉपी