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CG : सूरजपुर में परिवार के तीन सदस्यों की मौत, ठंड से बचाव के प्रयास में गई जानें, तीन साल की मासूम भी शामिल
अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:36 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई कोयले की सिगड़ी जानलेवा साबित हुई। कोतवाली थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की कार्बन मोनोऑक्साइड की चपेट में आने से मौत हो गई।
तीन लोगों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई कोयले की सिगड़ी जानलेवा साबित हुई। कोतवाली थाना क्षेत्र के चंद्रपुर गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की कार्बन मोनोऑक्साइड की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी तीन साल की बच्ची शामिल है।
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यह दुखद घटना तब हुई जब पूरा परिवार रात में गहरी नींद में सो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि कमरे के अंदर जलाई गई सिगड़ी से निकली जहरीली गैस फैल गई। घर में पर्याप्त वेंटीलेशन न होने के कारण गैस बाहर नहीं निकल पाई और दम घुटने से परिवार के सदस्यों की मौत हो गई।
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ठंड से बचाव बना मौत का कारण
सर्दी के मौसम में ठंड से बचने के लिए अक्सर लोग अपने घरों में सिगड़ी जलाकर सोते हैं। हालांकि, यह तरीका बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर अगर कमरे में हवा का आवागमन ठीक न हो। कोयले के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जो एक रंगहीन और गंधहीन गैस है। यह गैस हवा से भारी होती है और कमरे में जमा हो जाती है। जब यह गैस शरीर में अधिक मात्रा में पहुंचती है, तो यह ऑक्सीजन के प्रवाह को बाधित करती है, जिससे दम घुटने लगता है और मृत्यु हो जाती है।
गांव में मातम का माहौल
इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्यों की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कमरे में वेंटीलेशन की कोई व्यवस्था थी या नहीं। इस घटना ने ठंड के मौसम में घरों में आग जलाने को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता पर फिर से जोर दिया है।