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हिंदू-मुसलमान खतरे में नहीं, खतरे में है भारतीय बचपन: रायपुर में बाबा रामदेव ने वंदे मातरम विवाद पर कही ये बात

Tue, 18 Aug 2026 03:31 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 18 Aug 2026 03:31 PM IST
सार

बाबा रामदेव ने धार्मिक विवादों और राजनीतिक बहस के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर ध्यान देने की बात कही। देश में किसी धर्म या जाति को खतरे में बताने के बजाय भारतीय बच्चों और युवाओं की स्थिति पर विचार करना चाहिए।

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Baba Ramdev said in Raipur that Hindus and Muslims are not in danger, Indian childhood is in danger
बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

योग गुरु बाबा रामदेव ने रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान देश की मौजूदा परिस्थितियों पर अपनी बात कही। उन्होंने धार्मिक विवादों और राजनीतिक बहस के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर ध्यान देने की बात कही। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में किसी धर्म या जाति को खतरे में बताने के बजाय भारतीय बच्चों और युवाओं की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, क्षत्रिय या ब्राह्मण किसी को खतरा नहीं है, खतरे में भारतीय बचपन है। धर्म से ज्यादा शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य की चिंता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार बच्चों और युवाओं को आंदोलनों ले जाया जाता है। उनके मुताबिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलन संविधान और जनहित के मुद्दों के लिए होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यवसायीकरण चिंता का विषय है। सरकारी व्यवस्थाओं का लाभ लेने वाले लोगों को भी इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
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सिर्फ प्रधानमंत्री के भरोसे व्यवस्था नहीं सुधरेगी
रामदेव ने देश की व्यवस्था को लेकर कहा कि केवल प्रधानमंत्री के भरोसे पूरे देश को बदलने की उम्मीद करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से हुए कुछ सकारात्मक बदलावों का उल्लेख किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि देश में सब कुछ ठीक है, ऐसा मानना भी सही नहीं होगा। 
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धर्मांतरण और धार्मिक विवाद पर भी रखी बात
उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर कहा कि सनातन संस्कृति में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज में मौजूद ऊंच-नीच और भेदभाव की मानसिकता को सुधारने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में ईसाइयों के उत्पीड़न के आरोपों को उन्होंने राजनीतिक विवाद बताते हुए कहा कि किसी भी धर्म के व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।


वंदे मातरम और छात्र आंदोलनों पर क्या कहा?
योग गुरु ने छात्र आंदोलनों और राष्ट्रगीत वंदे मातरम से जुड़े विवादों में राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने युवाओं को देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को धार्मिक बहसों से आगे बढ़कर अपनी अर्थव्यवस्था, शिक्षा, चिकित्सा और कृषि व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। भारत को वैश्विक स्तर पर आर्थिक और रणनीतिक रूप से और मजबूत बनाना होगा।
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