CG PSC Exam: जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर 9 फरवरी को एग्जाम, कलेक्टर ने दिए जरूरी निर्देश
छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा 9 फरवरी को होगी। भाटापार जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में तीन हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। कलेक्टर ने ऑब्जर्वर और केंद्राध्यक्ष की बैठक में जरुरी निर्देश दिए।
विस्तार
उन्होंने स्पष्ट निर्देशित किया कि सभी प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करें। कोई लापरवही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर सोनी ने कहा कि आयोग के द्वारा परीक्षा ड्यूटी के लिए सम्बंधित अधिकरियों के लिए कार्य और जिम्मेदारी तय की गई है। उसका सभी पालन करें। किसी प्रकार की समस्या आने पर परीक्षा के नोडल अधिकारी या समन्वयक को सूचित करें। परीक्षा निर्देशिका का विस्तृत अध्ययन कर परीक्षा कार्यक्रम को समझ लें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी बताएं। किसी परीक्षा केंद्र को परीक्षा से सम्बंधित किसी प्रकार की सहयोग की आवश्यकता होगी। तो जिला प्रशासन सहयोग करेगा।
ये होंगे परीक्षा केंद्र
पीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 के अंतर्गत प्रारंभिक परीक्षा के लिए जिले में 12 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें दाऊ कल्याणसिंह शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय बलौदाबाजार, शासकीय मिनीमाता कन्या कॉलेज बलौदाबाजार, पण्डित चक्रपाणि शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बलौदाबाजार,स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल एमडीव्ही बलौदाबाजार, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल अर्जुनी, अम्बुजा विद्यापीठ रवान, गुरुकुल इंग्लिश मीडिम हायर सेकेण्डरी स्कूल बलौदाबाजार, आर के जी हायर सेकेण्डरी स्कूल कोकड़ी, सरस्वती शिशु मंदिर बलौदाबाजार, अहिल्या इंटरनेशनल स्कूल लाहोद, सेकरेड हार्ट हाई स्कूल बलौदाबाजार एवं शाश्वत हायर सेकेण्डरी स्कूल भाटागांव शामिल है।12 केन्द्रों में कुल 3595 परीक्षार्थी शामिल होगे। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी।
बैठक में परीक्षा के नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार सोनकर, सहायक नोडल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय सहित केंद्राध्यक्ष एवं ऑब्जर्वर उपस्थित थे।
कलेक्टर ने की महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा
कलेक्टर दीपक सोनी ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित केंद्र एवं राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान पोषण ट्रेकर में कमजोर प्रदर्शन पर बिटकुली एवं संडी के सेक्टर अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीड़ीपीओ, सेक्टर ऑफिसर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता जुड़े थे।
कलेक्टर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग बहुत ही संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य करने वाला विभाग है। जिसमें महिलाओं औक बच्चों के विकास सबसे प्रमुख हैं। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और उनके उत्थान पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर के रूप में संचालित हैं।
आंगनबाड़ी आने वाले बच्चों के साथ कार्यकर्ता और सहायिका अभिभावक की तरह व्यवहार करें। नाश्ता व भोजन की गुणवत्ता बेहतर हो, साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें। कुपोषित बाच्चों को समय पर मापदंड के अनुसार, आकलन कर आवश्यकतानुसार उपचार के लिए कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी सीडीपीओ एवं सेक्टर अधिकारी कार्य का निरंतर कड़ाई के साथ मॉनिटरिंग करें।
कलेक्टर ने बैठक में महतारी वंदन योजना, पोषण ट्रेकर, कुपोषण दर, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, बाल सन्दर्भ योजना, पोषण पुनर्नवास केंद्र, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सक्षम योजना, भवन विहीन आंगनबाड़ी केंद्र आदि पर विस्तृत समीक्षा की। बताया गया कि जिले में 1587 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। जिसमें 3 कार्यकर्त्ता और 13 सहायिका के पद रिक्त है। मॉनिटरिंग के लिए सात सीड़ीपीओ और 60 सेक्टर अधिकारी हैं। बैठक में एनआईसी कक्ष में जिला कार्यक्रम अधिकारी टी. के. जाटवर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आदित्य शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।