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Exclusive: धर्मांतरण पर बवाल! क्या है धर्म स्वातंत्र्य कानून? छत्तीसगढ़ बीजेपी उपाध्यक्ष प्रबल ने बताया ये राज

Lalit Kumar Singh Lalit Kumar Singh
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:01 PM IST
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सार

CG Religious Conversion Law: अमर उजाला की खास पेशकश ‘नेता जी कहिन’ कार्यक्रम में हम छत्तीसगढ़ के नामी-गिरामी राजनीतिक हस्तियों से सीधी बातचीत पेश करते हैं।

CG Religious Conversion law ! Chhattisgarh BJP Vice President Prabal pratap singh judev Interview
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार

CG Religious Conversion Law: अमर उजाला की खास पेशकश ‘नेता जी कहिन’ कार्यक्रम में हम छत्तीसगढ़ के नामी-गिरामी राजनीतिक हस्तियों से सीधी बातचीत पेश करते हैं। अपने पाठकों को राज्य की सियासत से रू-ब-रू कराते हैं। सियासी समीकरणों और उठापटक से अवगत कराते हैं। इस कड़ी में आज हम छत्तीसगढ़ बीजेपी उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय घर वापसी मुहिम के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जुदेव के साक्षात्कार को उन्हीं की जुबानी आपके सामने पेश कर रहे हैं।

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सवाल: छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून को आप कैसे देखते हैं? 
जवाब: यह हमारी भाजपा सरकार की एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो वर्षों से संघर्ष चल रहा था कि कैसे धर्मांतरण को रोका जाए। जिसके लिये हजारों, लाखों कार्यकर्ताओं ने अपना सब कुछ त्याग कर संविधान की रक्षा के लिए संकल्प लिया था।  इसमें हमारे पिताजी पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने घर वापसी अभियान का शंखनाद किया था। बड़े पैमाने पर आदिवासियों की घर वापसी कराई थी। धर्मांतरित लोगों के पैर पखार कर, उनके हाथ जोड़कर उन्हें सनातनी विचारधारा से जोड़ने का काम किया था। ऐसे सभी महानुभावों को इस कानून के माध्यम से यह सच्ची श्रद्धांजलि है। इस एतिहासिक कानून के लिये सीएम विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा सहित बीजेपी संगठन को बधाई और शुभकामनायें देता हूं। निश्चय ही इस कानून से हमारी भारतीय सनातन संस्कृति को संरक्षण और मजबूती मिलेगी। जो लोग गलत तरीके से धर्मांतरण करते हैं, उन पर अब कठोर कार्रवाई होगी।







सवाल: मतांतरित लोगों को मूल धर्म में वापसी कराने के दौरान किस प्रकार की दिक्कतें आती हैं? 
जवाब: धर्मांतरित हुए लोगों को मूल धर्म में वापसी कराने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह कोई आसान कार्य नहीं है। जिंदगी को दांव पर रखकर भय का माहौल बनाने वाली इन षड्यंत्रकारी शक्तियों से ऐसे लोगों को बचाना पड़ता है। कार्यक्रम होने से पहले ही ऐसे धर्मांतरित लोगों को धमकियां दी जाती है। हमारे कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जाता है। तमाम साजिश और डर का सामना करते हुए इस पूनीत कार्य को हम अंजाम देते हैं। इस कार्य को करने के बाद ईश्वर जो हमें आशीर्वाद देता है, उसकी एक अलग ही अनुभूति होती है। 


सवाल: आप पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, इस पर आगे की क्या रणनीति है?
जवाब: मेरे पिता जी ने जो कार्य किया है, वह अभूतपूर्व है, उसकी कोई तुलना नहीं की जा सकती। मैं चाहे जितना भी कोई कार्य क्यों न कर लूं पर उनके जैसा नहीं बन पाऊंगा। उनके बताए हुए मार्ग पर चलना और सनातनी भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पित होकर कार्य करना मैंने पिता जी से ही सीखा है। मेरे शरीर में जब तक प्राण है, सांस है, मैं सनातन धर्म की संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए अनवरत लगा रहूंगा। हमारे कार्यकर्ता भी लगे रहेंगे।





सवाल: कांग्रेस छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून को लेकर पहले और आज भी विरोध कर रही है, इस पर आपका नजरिया? 
जवाब: देखिए विरोध करना तो कांग्रेस का काम ही है। वह उसकी संस्कृति में ही है। जब वह सत्ता में थी, तो उन्होंने कोई काम नहीं किया। केवल भ्रष्टाचार किया। वह कहती थी कि बीजेपी जब सत्ता में थी, तो धर्म कानून क्यों नहीं लाई? अब हम जब यह कानून ला दिए हैं और लागू कर दिए हैं तब फिर कांग्रेस को दिक्कतें हो रही है, तो कांग्रेस का काम ही है नकारात्मक माहौल पैदा करना। कांग्रेस शुरू से ही इस कानून का विरोधी करती रही है। 

सवाल: कई ईसाई मशीनरियों पर धर्मांतरण के आरोप हैं, क्या कहते हैं?
जवाब: ऐसी मशीनरियां धर्मांतरण कराने के लिए कई प्रकार से प्रताड़ित करती है और प्रलोभन देती हैं। मेरे पास इस तरह की कई शिकायतें आती रहती हैं। अभी हाल ही में मेरे पास माताएं-बहने आई थीं। एक निजी स्कूलों में धर्मांतरण का आरोप था, लेकिन हम पूरी तरह से उनके साथ हैं। उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब नया कानून भी बन चुका है। अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी होगी।





सवाल: अब राज्य में धर्मांतरण कानून लागू है। आपकी नजर में यह कितना कारगर होगा? 
जवाब: कानून तो बन चुका है पर मुझे लगता है इसे अच्छे तरीके से इंप्लीमेंट भी करना होगा। चुनौतियां आएंगी। कई सारी दिक्कतें भी होगी। इसके बावजूद हमारी सरकार इसे अच्छे तरीके से पालन कराने के लिये कार्य करेगी। निश्चित रूप से एक सकारात्मक परिणाम मिलेगा। इस कानून को लेकर हिंदू समाज को जागरूक होने की जरूरत है। युवकों को इस मामले में जागरूक होना पड़ेगा। केवल कानून बनाने से नहीं बल्कि लोगों में जागरुकता लानी होगी। युवाओं में जब जागरुकता आएगी तभी धर्मांतरण कानून सही तरीके से प्रभावशाली होगा। लोग अपनी जिम्मेदारी को निभाएं। हिंदू कैसे अपने धर्म, संस्कृति की रक्षा करें, इस बात को समझेंगे तो यह कानून अपने आप प्रभावशाली हो जाएगा। यह हर एक हिंदू का दायित्व है कि वह अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा करें। सरकार तो काम कर ही रही है पर हिंदू समाज को भी यह समझना होगा और उन्हें आगे आने होगा। सनातनी एकजुटता से काम करेंगे, तो समस्या ही नहीं होगी। 

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