Chhattisgarh Education: शासकीय डेयरी पॉलिटेक्निक में प्रवेश जारी, गणित विषय के साथ 12वीं पास कर सकते है आवेदन
बेमेतरा में स्थित प्रदेश के एकमात्र शासकीय डेयरी पॉलिटेक्निक में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। दो वर्षीय डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स में सत्र 2023-24 के लिए गणित विषय से 12वीं करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में स्थित प्रदेश के एकमात्र शासकीय डेयरी पॉलिटेक्निक में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। दो वर्षीय डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स में सत्र 2023-24 के लिए गणित विषय से 12वीं करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन की ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं गोठान, नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) आदि के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने व इन योजनाओं में नियोजन के लिये तैयार करने के उद्देश्य से इस पॉलिटेक्निक की स्थापना की गई है।
द्विवर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम में युवाओं को तेजी से विकसित हो रहे डेयरी उद्योग के लिये पूर्ण रूप से प्रशिक्षित कर नियोजन के लिए तैयार किया जाता है। डेयरी पॉलिटेक्निक के प्रथम बैच के उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों का प्रदेश के दुग्ध संयंत्रों और शासन की इन योजनाओं में नियोजन हो चुका है। विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप से महाविद्यालय से या मोबाइल नंबर 9753476310, 8964844803, 7000231858, 9340291259, 9993605574 पर संपर्क कर सकते है। महाविद्यालय में सर्वसुविधा युक्त छात्रावास भी उपलब्ध है। साथ ही पात्र विद्यार्थियों को शासन द्वारा छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
कोर्स उत्तीर्ण करने के बाद मिलता है रोजगार
युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी विषय के अंतर्गत, मिल्क पाउडर, आइसक्रीम, श्रीखंड, रबड़ी, घी, खोवा सहित सभी दुग्ध पदार्थों के निर्माण और गुणवत्ता सहित आवश्यक सयंत्र आदि के प्रशिक्षण के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के एकमात्र संस्थान दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर में डेयरी टेक्नोलॉजी विषय में चार वर्षीय डिग्री कोर्स संचालित है, लेकिन डेयरी टेक्नोलाजी में प्रशिक्षित जनशक्ति की राज्य में तेजी से बढ़ती मांग की पूर्ति के लिये डेयरी पॉलीटेक्नीक महाविद्यालयों को स्थापित कर द्विवर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम प्रारंभ किये गये है।