इंद्रावती बाघ तस्करी में खुलासा: अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक नेटवर्क एक्टिव, अभी पांच बाघों की खाल की तलाश
आईटीआर क्षेत्र में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की संयुक्त कार्रवाई में कुल आठ आरोपी पकड़े। अब तक तीन बाघों की खाल बरामद हुई। वन विभाग पांच बाघों की खाल और पूरे तस्करी नेटवर्क की तलाश कर रहा है।
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इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघों के शिकार और खाल तस्करी के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संयुक्त कार्रवाई में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के दो आत्मसमर्पित नक्सली और आईटीआर का एक चौकीदार भी शामिल है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक सक्रिय था। वन विभाग इस अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के सभी लिंक खंगाल रहा है। मामले में 5 बाघों की खाल की तलाश जारी है।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक संदीप बलगा ने बताया कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की टीमों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत 7 आरोपियों को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है। अब तक तीन बाघों की खाल बरामद की जा चुकी है। वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से अन्य आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क की तलाश जारी है।
संदीप बलगा ने कहा कि अभी पूरा खुलासा करना संभव नहीं है, क्योंकि जांच जारी है। जिले में इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना बताई जा रही है। यह कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।