तेंदूपत्ता आगजनी मामला: बीजापुर के ईटपाल गोदाम में लगी भीषण आग, सुरक्षा इंतजामों पर उठे बड़े सवाल
बीजापुर के ईटपाल स्थित निजी तेंदूपत्ता गोदाम में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से करोड़ों रुपये का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। आग तेजी से फैलने के कारण स्थानीय प्रयास नाकाम रहे। घटना के बाद गोदाम में अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भारी लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में रखा भारी मात्रा में तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। स्थानीय स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए गए। लेकिन पर्याप्त संसाधन और अग्निशमन उपकरणों की कमी थी। इससे नुकसान लगातार बढ़ता चला गया। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है। वे लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि बड़े पैमाने पर तेंदूपत्ता भंडारण के समय सुरक्षा उपाय होने चाहिए थे। मौके पर कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आई।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न
लोगों का मानना है कि यदि समय पर आग बुझाने की समुचित व्यवस्था होती। तो करोड़ों रुपये के इतने बड़े नुकसान से बचा जा सकता था। यह घटना विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के ज्वलनशील सामग्री का भंडारण कैसे हुआ? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? गोदाम का नियमित निरीक्षण क्यों नहीं हुआ? ऐसे कई प्रश्न अब आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
विभाग के उच्च अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं। लेकिन क्षेत्र के लोगों को आशंका है कि यह मामला सिर्फ कागजी जांच तक सीमित न रह जाए। लोगों का स्पष्ट कहना है कि इस घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इससे आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सके। यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
वही तेंदूपत्ता आगजनी मामले में सीसीएफ आलोक तिवारी ने कहा कि वह बीजापुर पहुंच रहे हैं। मौके पर देखेंगे कि चूक कहां हुई है। उन्होंने जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

