{"_id":"695d17d7e3edaea56c0d0117","slug":"statue-of-martyr-head-constable-budhram-korsa-unveiled-on-his-death-anniversary-2026-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijapur News: शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम की प्रतिमा का अनावरण, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijapur News: शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम की प्रतिमा का अनावरण, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 06 Jan 2026 07:42 PM IST
विज्ञापन
सार
शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। साथ ही भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संकल्प मार्च 2026 के अंतर्गत क्षेत्र को नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य की चर्चा की।
शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम की प्रतिमा का अनावरण
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जिले के ग्राम बरदेला में एक भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने शहीद के बलिदान को नमन करते हुए उनके अमर योगदान को स्मरण किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
Trending Videos
यह कार्यक्रम आज ही के दिन हुए उस कायरतापूर्ण हमले की याद दिलाता है, जब माओवादियों ने सर्चिंग अभियान पूर्ण कर लौट रही पुलिस पार्टी को अम्बेली नाला के समीप आईईडी विस्फोट के माध्यम से निशाना बनाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस हृदय विदारक घटना में जिला दंतेवाड़ा में पदस्थ डीआरजी के 9 वीर जवानों और 1 वाहन चालक ने राष्ट्र की सुरक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद जवानों का यह बलिदान केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति का एक अमिट उदाहरण है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संकल्प मार्च 2026 के अंतर्गत क्षेत्र को नक्सल-मुक्त बनाने के लक्ष्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
माओवादियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए कर्तव्यपथ पर वीरगति को प्राप्त हुए इन जवानों का साहस, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे वीर सपूतों के कारण ही आज समाज सुरक्षित है तथा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम है।