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बीजापुर: विधायक का आरोप, भ्रष्टाचार करने के लिए ईमानदार शिक्षक की हत्या की गई
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2026 03:49 PM IST
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सार
प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा कि स्वर्गीय राजू पुजारी जी के सुसाइड नोट मिले हैं। सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और कर्मचारी छवितेश डोंगरे के नाम हैं, जबकि अन्य में मुख्य ठेकेदार जागर लक्ष्मैया का नाम दर्ज है।
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विस्तार
बीजापुर में आज जिला मुख्यालय में विधायक विक्रम मंडावी ने पत्रवार्ता आयोजित को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम चेरपाल निवासी एवं प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ प्रधान अध्यापक स्वर्गीय राजू पुजारी जी ठेकेदारों, इंजीनियर और संबंधित कर्मचारियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना एवं जबरन दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गए।
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यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। स्वर्गीय राजू पुजारी अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। विधायक ने आरोप लगाया कि यह सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ईमानदार शिक्षक की ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा हत्या है।
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विधायक ने बताया कि परिवारजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण कार्य लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा था। निर्माण राशि के भुगतान को लेकर स्वर्गीय राजू पुजारी जी काफी मानसिक परेशानी में थे। परिवार का आरोप है कि निर्माधीन स्कूल भवन ठेकेदारों और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया तरीके से किया जा रहा था जिसकी शिकायत स्वर्गीय राजू पुजारी द्वारा अधिकारियों को बार बार किया जा रहा था इसके बावजूद भी किसी अधिकारी ने शिक्षक के शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और स्कूल भवन निर्माण की राशि जबरन ठेकेदार को देने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे प्रताड़ित होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा कि स्वर्गीय राजू पुजारी जी के सुसाइड नोट मिले हैं। सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और कर्मचारी छवितेश डोंगरे के नाम हैं, जबकि अन्य में मुख्य ठेकेदार जागर लक्ष्मैया का नाम दर्ज है। जागर लक्ष्मैया भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के बीजापुर जिला अध्यक्ष हैं। विधायक विक्रम मंडावी ने आशंका जताते हुए कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ता को बचाने का पूरा प्रयास कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और भ्रष्टाचार करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ईमानदार शिक्षक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
विधायक ने डबल इंजन की भाजपा सरकार से सवाल किया:
1- इस निर्माण कार्य का मुख्य ठेकेदार और पेटी ठेकेदार कौन था?
2- कार्य एजेंसी कौन थी?
3- प्रशासकीय स्वीकृति मात्र 20 लाख 30 हजार रुपये की थी और कार्य एजेंसी शाला प्रबंधन समिति (SMC) थी, तो ठेकेदार को यह काम कैसे सौंपा गया?
4- ठेकेदार को किसके इशारे पर ठेका दिया गया?
5- DMC/DEO की इसमें क्या भूमिका थी?
6- इस घोटाले में और कितने लोग शामिल हैं?
विधायक ने मांग की कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सभी दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके और स्वर्गीय राजू पुजारी जी के परिवार को न्याय मिल सके।उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष न्यायिक जांच नहीं कराई गई और दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो परिवारजनों और ग्रामीणों के साथ मिलकर न्याय मिलने तक आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

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