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बिलासपुर: शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को हाईकोर्ट से फिर झटका, जमानत याचिका खारिज
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:01 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है।
बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है। चैतन्य द्वारा एसीबी की गिरफ्तारी से बचने लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका को जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया है। उधर ईडी द्वारा दर्ज एफआईआर और कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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कोर्ट के इस फैसले के बाद अब चैतन्य की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है। बतादें कि चैतन्य बघेल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की संभावित गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। इससे पहले भी उनकी याचिका खारिज हो चुकी थी, तब कोर्ट ने उन्हें छूट (लिबर्टी) देते हुए पहले एसीबी कोर्ट जाने कहा था। एसीबी कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद चैतन्य ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन यहां भी राहत नहीं मिल सकी। इस बहुचर्चित मामले में शासन की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। दोनों ने कहा कि चैतन्य बघेल ने शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया है और यह गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। कोर्ट ने तर्कों से सहमति जताते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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शराब घोटाले में ईडी द्वारा की गई एफआईआर को भी चुनौती देते हुए चैतन्य बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।दोनों पक्षों की कई दिनों की लंबी बहस सुनने के बाद कोर्ट ने बुधवार को आदेश सुरक्षित रख लिया। बतादें कि चैतन्य बघेल ने ईडी द्वारा दर्ज मामले और अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक और नियम विरुद्ध बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने दलील दी कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई की है। वहीं, ईडी की ओर से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडेय ने कोर्ट में कहा कि शराब घोटाले में चैतन्य की संलिप्तता साफ है और गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया से ही हुई है।