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CG News: कुत्ते का जूठा-खाना परोसने पर बच्चों को मुआवजा दें, हाईकोर्ट ने दिखाई कड़ी सख्ती; शासन ने दिया जवाब
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 19 Aug 2025 06:32 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा भोजन खिलाने के मामले पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बच्चों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। वहीं मामले पर सरकार की ओर से शपथपत्र पेश किया गया।
बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना खिलाने पर सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने प्रभावित बच्चों को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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वहीं मामले में शासन ने शपथपत्र में बताया है कि हेडमास्टर को सस्पेंड किया गया है। साथ ही मध्यान्ह भोजन का काम महिला स्वसहायता समूह से छीन लिया गया है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान शासन से चार बिंदुओं पर शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था।
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दरअसल, बीते 29 जुलाई को बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर गांव के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील में बड़ी लापरवाही सामने आई थी। मध्यान्ह भोजन के लिए बच्चों को दिए जाने वाले खाना को आवारा कुत्तों ने जूठा कर दिया था। छात्रों ने जब शिकायत की, तब भी उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया और उन्हें कुत्तों के जूठे भोजन को परोस दिया गया। जब छात्रों ने यह बात अभिभावकों को बताई तो स्कूल समिति की बैठक हुई और दबाव में आकर विद्यार्थियों को दो डोज एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, 84 बच्चों ने भोजन किया, जिसमें से 78 को वैक्सीन दी गई। इस मामले के पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शासन ने शपथपत्र के साथ जवाब पेश किया, जिसमें बताया गया कि स्कूल के हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
मध्यान्ह भोजन का काम करने वाली महिला स्वसहायता समूह को हटा दिया गया है। भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए विभाग के अफसरों को दिशा निर्देश जारी कर मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने प्रभावित बच्चों को मुआवजा देने का आदेश दिया है।