Bilaspur: लैब टेक्नीशियनों को मिलेगा 2800 ग्रेड पे, हाईकोर्ट ने दिए राज्य सरकार को 2 माह में भुगतान के निर्देश
न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ताओं का ग्रेड पे उनकी नियुक्ति तिथि से 2800 निर्धारित किया जाए, और दो माह के भीतर समस्त बकाया राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा की जाए।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी लैब टेक्नीशियनों को 2800 रुपये का ग्रेड पे प्रदान किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि समान योग्यता, कार्य और दायित्व वाले कर्मचारियों को अलग-अलग वेतनमान देना प्राकृतिक न्याय और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ताओं का ग्रेड पे उनकी नियुक्ति तिथि से 2800 निर्धारित किया जाए, और दो माह के भीतर समस्त बकाया राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा की जाए। साथ ही, भविष्य में भी वेतन निर्धारण इसी आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि 2 मई 2014 को जारी भर्ती विज्ञापन में लैब टेक्नीशियन के 26 पदों के लिए वेतनमान ₹5200–₹20200 के साथ 2800 ग्रेड पे स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। इसके बावजूद, चयन के बाद जारी नियुक्ति आदेशों में ग्रेड पे घटाकर 2400 कर दिया गया, जो मनमाना और संवैधानिक समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता ने भी यह स्वीकार किया कि प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में पहले से ही लैब टेक्नीशियनों को 2800 का ग्रेड पे दिया जा रहा है, जैसा कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग अलीपिक वर्गीय तृतीय श्रेणी सेवा भर्ती नियम, 2015 (राजपत्र में 25 सितंबर 2015 को प्रकाशित) की अनुसूची-1, क्रमांक 28 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि एक ही पद के लिए दो अलग-अलग वेतन संरचनाएं बनाना अनुचित और असंगत है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब 2015 के नियमों में लैब टेक्नीशियन के लिए ग्रेड पे 2800 निर्धारित है, तो 2400 ग्रेड पे देना नियमविरुद्ध और अन्यायपूर्ण है।