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CG Budget 2026-27: महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस, साय सरकार ने खोला योजनाओं का पिटारा, जानें
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:15 PM IST
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सार
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण के दौरान महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत दिया। सरकार का दावा है कि यह बजट महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
साय सरकार ने खोला योजनाओं का पिटारा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण के दौरान महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत दिया। सरकार का दावा है कि यह बजट महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
बेटियों के भविष्य के लिए 'रानी दुर्गावती योजना'
सरकार ने ‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत बड़ा ऐलान किया है। इस योजना में राज्य की बच्चियों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा, उच्च अध्ययन या स्वरोजगार की दिशा में आर्थिक मजबूती देना है।
धार्मिक भ्रमण से सामाजिक सशक्तिकरण
'मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना' के माध्यम से महिलाओं को राज्य एवं देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी।
महतारी वंदन योजना को 8200 करोड़ का प्रावधान
महिलाओं के लिए संचालित 'महतारी वंदन योजना' को इस बार भी प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार योजना की शुरुआत से अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को वितरित की जा चुकी है। वर्तमान में प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं।
250 'महतारी सदन' बनेंगे
सरकार ने प्रदेश में 250 महतारी सदन निर्माण की घोषणा की है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इन सदनों का उद्देश्य महिलाओं के सामुदायिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और बैठक गतिविधियों के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर
ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 'मितानिन कल्याण निधि' में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ‘मिशन वात्सल्य योजना’ के लिए 80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो महिला एवं बाल विकास से जुड़े संवेदनशील मामलों में सहयोग प्रदान करेगी।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी 800 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिससे पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
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बेटियों के भविष्य के लिए 'रानी दुर्गावती योजना'
सरकार ने ‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत बड़ा ऐलान किया है। इस योजना में राज्य की बच्चियों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा, उच्च अध्ययन या स्वरोजगार की दिशा में आर्थिक मजबूती देना है।
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धार्मिक भ्रमण से सामाजिक सशक्तिकरण
'मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना' के माध्यम से महिलाओं को राज्य एवं देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी।
महतारी वंदन योजना को 8200 करोड़ का प्रावधान
महिलाओं के लिए संचालित 'महतारी वंदन योजना' को इस बार भी प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार योजना की शुरुआत से अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को वितरित की जा चुकी है। वर्तमान में प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं।
250 'महतारी सदन' बनेंगे
सरकार ने प्रदेश में 250 महतारी सदन निर्माण की घोषणा की है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इन सदनों का उद्देश्य महिलाओं के सामुदायिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और बैठक गतिविधियों के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर
ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 'मितानिन कल्याण निधि' में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ‘मिशन वात्सल्य योजना’ के लिए 80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो महिला एवं बाल विकास से जुड़े संवेदनशील मामलों में सहयोग प्रदान करेगी।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी 800 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिससे पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।