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CG: सीएम विष्णुदेव साय बोले- लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sun, 08 Mar 2026 01:54 PM IST
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सार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद किया।

CM Sai said – through Lakhpati Didi Abhiyan, women of Chhattisgarh are writing a new story of self-reliance
‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज मेहनत, आत्मविश्वास और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और राज्य सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
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कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से करीब 8 लाख महिलाएं पहले ही इस मुकाम तक पहुंच चुकी हैं। अब राज्य में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान से जुड़ी महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है, जबकि इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना के तहत उन्हें देश-प्रदेश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके अलावा पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों के निर्माण तथा आंगनबाड़ी और पोषण योजनाओं के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से रानी दुर्गावती योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य लखपति दीदियों को आगे बढ़ाकर करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए बकरी पालन क्लस्टर परियोजना शुरू की गई है। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक और छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया तथा लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।

इस दौरान विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां भी साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की राजकुमारी कश्यप ने बताया कि उनके क्षेत्र में पहले आवागमन भी मुश्किल था, लेकिन आज वे मुर्गीपालन के माध्यम से सालाना 6–7 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। बालोद की भुनेश्वरी साहू ने 20 हजार रुपये के ऋण से सिलाई का काम शुरू किया और बाद में ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेकर अपने क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में पहचान बनाई। जशपुर की अनिता साहू ने ईंट निर्माण के व्यवसाय से लखपति बनने की कहानी साझा की।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से करीब एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, सचिव भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह, मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं और लखपति दीदियां उपस्थित रहीं।
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