अविश्वास प्रस्ताव पर सीएम साय बोले: 25 साल तक बनेगी बीजेपी की सरकार, जनता के विश्वास का अपमान है ये प्रस्ताव
Chhattisgarh Legislative Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Chhattisgarh Legislative Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस हुई। अविश्वास प्रस्ताव पर विधानसभा में 14 घंटे से ज्यादा समय तक बहस चली। इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि आज सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हुई, जो 14 घंटे से ज्यादा चली और इसमें 151 पन्नों में 136 आरोपों पर चर्चा हुई। ऐसा कोई विभाग नहीं था जिस पर आरोप न लगाए गए हो। फिर भी, किसी भी आरोप का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बजाय, मौजूदा सरकार की उपलब्धियां बताने के बजाय चर्चा बार-बार पिछली कांग्रेस सरकारों पर ही घूमती रही। पूरे राज्य में डर और दहशत का माहौल है। असलियत यह है कि न तो मंत्रियों और न ही विधायकों को इस सरकार या प्रशासन पर भरोसा है और खुद बीजेपी कार्यकर्ताओं को भी इस पर भरोसा नहीं है। सरकार ने राज्य की जनता का भरोसा पूरी तरह खो दिया है।
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh | Congress leader Bhupesh Baghel says, “A debate on the no-confidence motion took place today, lasting over 14 hours and covering 136 points of accusation across 151 pages; there wasn't a single department against which allegations were not levelled.… pic.twitter.com/F6ZKB9rtgj
— ANI (@ANI) July 18, 2026विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि ढाई साल सरकार को हो गए हैं, लेकिन उनके पास गिनाने के लिए कुछ भी नहीं है। ढाई साल बाद भी मुख्यमंत्री देख-देख कर भाषण पढ़ रहे है। अविश्वास प्रस्ताव पर विधानसभा में चर्चा 14 घंटे से ज्यादा चली। इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आने वाले 25 साल तक छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनती रहेगी। यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के खिलाफ था। हमारे साथियों ने आक्रामकता से इस पर जवाब दिया।
सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम साय ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया। ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है।
किस पर है अविश्वास प्रस्वाव?
सीएम ने कहा कि विपक्ष यह बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है, क्या उन लगभग 25 लाख किसानों पर, जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ दिया? क्या उन 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों पर, जिन्हें महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की सम्मान राशि मिल रही है? या उन करोड़ों प्रदेशवासियों पर, जिन्होंने विकास, सुशासन और विश्वास की राजनीति को अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है। जनता ने 5 वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया। यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया। ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है।
'जनता का विश्वास खो चुकी है कांग्रेस'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है। जनता ने पाँच वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया। आज वही कांग्रेस जनता द्वारा चुनी गई सरकार पर अविश्वास जताकर अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक पराजय का परिचय दे रही है। उनकी सरकार का ढाई वर्षों का प्रत्येक दिन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहा है। सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश प्रमुख वादों को पूरा किया है और विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया है।
गिनाई सरकार की उपलब्धियां
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई। दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 9,600 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गई है। केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। मनरेगा के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिली है। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग, प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अनेक सेवाएँ गाँव में ही उपलब्ध हो रही हैं। हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व दोनों मजबूत हुए हैं।
आदिवासी विकास से नक्सलवाद के खात्मे तक कार्य
सीएम साय ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार ने वर्षों तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित रखा। उनकी सरकार ने जनजातीय अंचलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा-तीनों को साथ लेकर काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। वनाधिकार पत्रधारकों के नामांतरण जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर जनजातीय परिवारों को राहत दी गई। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।