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Dhamtari News: ट्रिपल मर्डर केस का आया फैसला, 8 में से 5 आरोपियों को न्यायालय ने उम्र कैद की सुनाई सजा, मृतक क
Wed, 12 Aug 2026 06:58 PM IST
धमतरी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
Published by: धमतरी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 06:58 PM IST
सार
भोयना गांव के मुसाफिर ढाबे में हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी सजा तय की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धमतरी के चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने करीब एक साल बाद फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है। फैसले के बाद मृतकों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट परिसर में विरोध किया और दोषियों को फांसी देने की मांग की।
बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम की अदालत ने मामले में अन्य धाराओं के तहत भी सजा निर्धारित की है। फैसला आने के बाद मृतकों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए सभी दोषियों को फांसी देने की मांग की।
अदालत ने गोपी दीवान (20), कुलेश्वर नेताम (25), रणवीर कुमार साहू (20), कमलेश ध्रुव (19) और गौतम दीवान (22) को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। सभी आरोपियों को बलवा के मामले में दो साल और मारपीट के मामले में छह महीने की सजा भी सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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घटना 11 और 12 अगस्त 2025 की दरमियानी रात की बताई गई है। भोयना गांव स्थित मुसाफिर ढाबे में खाना खाने पहुंचे कुछ लोगों का वहां मौजूद आरोपियों से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और हिंसा की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान नितिन तांडी, सुरेश हियाल और आलोक सिंह पर हमला किया गया, जिसमें तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद मामला पूरे जिले में चर्चित हो गया था।
फैसले के बाद परिजनों का आक्रोश
अदालत का फैसला सुनाए जाने के बाद मृतकों के परिजनों और महिलाओं ने कोर्ट परिसर के बाहर नाराजगी जताई। कुछ महिलाओं ने आरोपियों की ओर चप्पल भी फेंकी। उनका कहना था कि तीन लोगों की हत्या के दोषियों को उम्रकैद पर्याप्त नहीं है और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। परिजनों ने कहा कि वे फांसी की सजा की मांग को लेकर आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
पुलिस सुरक्षा के बीच जेल भेजे गए आरोपी
कोर्ट परिसर में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को किसी तरह भीड़ से बचाते हुए वाहन में बैठाया और जेल के लिए रवाना किया। मामले में अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश मोहन कोर्राम की अदालत ने मामले में अन्य धाराओं के तहत भी सजा निर्धारित की है। फैसला आने के बाद मृतकों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए सभी दोषियों को फांसी देने की मांग की।
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अदालत ने गोपी दीवान (20), कुलेश्वर नेताम (25), रणवीर कुमार साहू (20), कमलेश ध्रुव (19) और गौतम दीवान (22) को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। सभी आरोपियों को बलवा के मामले में दो साल और मारपीट के मामले में छह महीने की सजा भी सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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घटना 11 और 12 अगस्त 2025 की दरमियानी रात की बताई गई है। भोयना गांव स्थित मुसाफिर ढाबे में खाना खाने पहुंचे कुछ लोगों का वहां मौजूद आरोपियों से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और हिंसा की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान नितिन तांडी, सुरेश हियाल और आलोक सिंह पर हमला किया गया, जिसमें तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद मामला पूरे जिले में चर्चित हो गया था।
फैसले के बाद परिजनों का आक्रोश
अदालत का फैसला सुनाए जाने के बाद मृतकों के परिजनों और महिलाओं ने कोर्ट परिसर के बाहर नाराजगी जताई। कुछ महिलाओं ने आरोपियों की ओर चप्पल भी फेंकी। उनका कहना था कि तीन लोगों की हत्या के दोषियों को उम्रकैद पर्याप्त नहीं है और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। परिजनों ने कहा कि वे फांसी की सजा की मांग को लेकर आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
पुलिस सुरक्षा के बीच जेल भेजे गए आरोपी
कोर्ट परिसर में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को किसी तरह भीड़ से बचाते हुए वाहन में बैठाया और जेल के लिए रवाना किया। मामले में अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।