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दुर्ग घोटाले में बड़ा खुलासा: दीनदयाल उपाध्याय योजना की राशि में हेराफेरी, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: दुर्ग-भिलाई ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 10:39 AM IST
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सार
दुर्ग जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शासकीय राशि में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। धमधा और पाटन क्षेत्र में हितग्राहियों के खातों से रकम फर्जी तरीके से ट्रांसफर की गई। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल, एटीएम कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।
धोखाधड़ी करने करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार।
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विस्तार
दुर्ग में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शासकीय राशि में धोखाधड़ी सामने आई है। धमधा और पाटन थाना क्षेत्रों में हितग्राहियों के बैंक खातों से राशि फर्जी खातों में भेजी गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से मोबाइल फोन, नकद निकासी कार्ड तथा बैंक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि जनपद पंचायत धमधा और पाटन के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों के आधार पर दोनों मामलों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि योजना की प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में जा रही थी। दस्तावेजों के परीक्षण से धमधा क्षेत्र के 44 हितग्राहियों की 4.50 लाख रुपये और पाटन क्षेत्र के 63 हितग्राहियों की 12.60 लाख रुपये राशि में धोखाधड़ी सामने आई। कुल 107 हितग्राहियों की 17 लाख 10 हजार रुपये से अधिक की राशि में गड़बड़ी हुई। पुलिस ने दोनों मामलों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान बैंक दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और ऑनलाइन मंच की जानकारी का विश्लेषण किया गया।
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जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक कुमार यादव और लिलेश्वर यादव उर्फ रवि ने यह धोखाधड़ी की। उन्होंने योजना संबंधी खातों में सुधार के लिए प्राप्त प्रवेश पहचान और कूटशब्द का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों की जगह अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया, जिससे शासकीय राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित होती रही। वे प्राप्त राशि को नकद निकासी कार्ड और चलित बैंकिंग माध्यमों से संचालित कर रहे थे।
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शिकायत और जांच शुरू होने पर आरोपियों ने कुछ राशि वापस भी जमा कर दी थी। पुलिस ने दीपक यादव और लिलेश्वर यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन, नकद निकासी कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है।
