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CG News: छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के चिकित्सा आपूर्ति 'घोटाले' मामले में ईडी की छापेमारी
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 30 Jul 2025 11:43 AM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल सप्लाई घोटाले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को रायपुर, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
चिकित्सा आपूर्ति 'घोटाले' मामले में ईडी की छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल सप्लाई घोटाले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को रायपुर, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी उन सरकारी अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं, एजेंटों और बिचौलियों के परिसरों में की जा रही है, जिनका नाम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में सामने आया था।
इस पूरे मामले की नींव अप्रैल 2024 में दायर एक आरोपपत्र पर आधारित है, जिसमें चिकित्सा उपकरणों और अभिकर्मकों की खरीद में भारी अनियमितताएं उजागर की गई थीं। आरोप है कि बिना वास्तविक जरूरत की जांच किए, बड़ी मात्रा में मेडिकल उपकरण खरीदे गए, जिससे राज्य सरकार को करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ACB/EOW की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने मोक्षित कॉर्पोरेशन और उससे जुड़ी एक फर्जी कंपनी से मिलीभगत कर अरबों रुपये की खरीदारी की। इस घोटाले में अन्य प्रमुख कंपनियों – सीबी कॉर्पोरेशन (दुर्ग), रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम (पंचकुला), और श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर) के नाम भी शामिल हैं।
ईडी की इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि शासन स्तर पर हुए इस कथित घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। जनता को उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।
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सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी उन सरकारी अधिकारियों, आपूर्तिकर्ताओं, एजेंटों और बिचौलियों के परिसरों में की जा रही है, जिनका नाम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में सामने आया था।
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इस पूरे मामले की नींव अप्रैल 2024 में दायर एक आरोपपत्र पर आधारित है, जिसमें चिकित्सा उपकरणों और अभिकर्मकों की खरीद में भारी अनियमितताएं उजागर की गई थीं। आरोप है कि बिना वास्तविक जरूरत की जांच किए, बड़ी मात्रा में मेडिकल उपकरण खरीदे गए, जिससे राज्य सरकार को करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ACB/EOW की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने मोक्षित कॉर्पोरेशन और उससे जुड़ी एक फर्जी कंपनी से मिलीभगत कर अरबों रुपये की खरीदारी की। इस घोटाले में अन्य प्रमुख कंपनियों – सीबी कॉर्पोरेशन (दुर्ग), रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम (पंचकुला), और श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर) के नाम भी शामिल हैं।
ईडी की इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि शासन स्तर पर हुए इस कथित घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। जनता को उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।