Chhattisgarh : भाटापारा में की गई आठ कलेक्टरों की नियुक्ति, ब्लॉक अधिकारियों पर रखेंगे नजर
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भाटापारा बलौदाबाजार जिले में अधिकारियों के कार्य पर नजर रखने और जनता की समस्या को आसानी से हल करने के लिए आठ कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है। जिले में एक कलेक्टर चंदन कुमार, एक सहायक कलेक्टर नम्रता जैन, एक अपर कलेक्टर बी.सी. एक्का, दो संयुक्त कलेक्टर अनुपम तिवारी, मिथलेश डोंडे, तीन डिप्टी कलेक्टर अरूण कुमार सोनकर, नितिन तिवारी और रामरतन दुबे तैनात हैं। इसके अलावा पांच ब्लॉक में एक-एक अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद है। फिर, भी जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। जिले में बैठे अधिकारियों का नियंत्रण अपने ब्लॉक अधिकारियों पर नहीं है। इसीलिए ब्लॉक पर कलेक्टर की तैनाती की जा रही है।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधी
इस मामले में भाटापारा से भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने बताया राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति पेमेंट बेस पर होगी तो जनता को नुकसान ही भोगना पड़ता है। इसमें वे अधिकारियों को दोष नहीं देते, इसके लिए राज्य सरकार पेमेंट बेस में नियुक्ति बंद कर दे तो जानता को कार्य कराने में आसानी होगी।
कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुनील महेष्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार बहुत ही ईमानदार सरकार हैं। सरकार पैसे को सीधा खाते में देती है। अगर 5 लाख रुपये रायपुर से निकलता है तो 5 लाख रुपया सीधा किसान के खाते में जाता है। रमन सरकार जैसे 1000-1500 के मोबाइल को 5000 से ज्यादा में खरीदी कर नहीं बेचते, पेमेंट बेस की नियुक्ति भाजपा सरकार में चलती थी, उनको ज्यादा जानकारी होगी। अगर शिवरतन शर्मा को आरोप लगाना है तो वे नाम बताएं कि किसको पेमेंट किया गया है, ऐसे बंद कमरे में बैठकर आरोप न लगाएं।
बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रभारी कात्यायनी देवी वर्मा ने कहा कि कांग्रेस और भजपा एक दूसरे पर आरोप लगाना बंद करे। चुनाव के समय जैसे आम नागरिक पर ध्यान दिया जाता है, वैसे ही यह जनप्रतिनिधी अपने क्षेत्र की जनता पर हमेशा ध्यान दें तो आम नागरिकों को अधिकारियों के दरवाजे-दरवाजे भटकना नहीं पड़ेगा।
क्या कहते हैं आम नागरिक
प्रिंटिंग प्रेस संचालक अजय साहू ने कहा कि क्षेत्र का जनप्रतिनिधी जब निकम्मा हो जाए तो वही हाल होता है जो भाटापारा का हो रहा है। भाटापारा क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं, अब इसका खामियाजा यहां की जनता भुगत रही है। यहां सभी विकास कार्य रुके हुए हैं, इनके पीछे यहां के जनप्रतिनिधी जिम्मेदार हैं।