{"_id":"6a3bb8fe831998474605ad2a","slug":"electricity-bill-rules-will-change-from-july-1-providing-relief-for-late-payments-but-consumer-expenses-will-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: 1 जुलाई से बदल जाएंगे बिजली बिल के नियम, लेट पेमेंट पर राहत, लेकिन बढ़ेगा उपभोक्ताओं का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: 1 जुलाई से बदल जाएंगे बिजली बिल के नियम, लेट पेमेंट पर राहत, लेकिन बढ़ेगा उपभोक्ताओं का खर्च
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 24 Jun 2026 04:31 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) द्वारा जारी नए टैरिफ आदेश में बिजली दरों के साथ-साथ लेट पेमेंट सरचार्ज की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) द्वारा जारी नए टैरिफ आदेश में बिजली दरों के साथ-साथ लेट पेमेंट सरचार्ज की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल देर से जमा करने पर पूरे महीने का जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। हालांकि दूसरी ओर बिजली दरों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।
अब तक बिजली बिल की निर्धारित तिथि निकल जाने पर उपभोक्ताओं से पूरे महीने के लिए 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। चाहे बिल एक दिन देर से जमा किया जाए या 20 दिन बाद, जुर्माना समान रूप से लागू होता था। लेकिन 1 जुलाई से यह व्यवस्था बदल जाएगी। अब देरी के दिनों के आधार पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियम के अनुसार, बिल भुगतान में जितने दिन की देरी होगी, उसी हिसाब से 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से पेनल्टी लगेगी। इससे एक-दो दिन की देरी करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में पहली बार बिजली बिलों पर प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसे अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी कदम माना जा रहा है। इससे उपभोक्ता केवल वास्तविक देरी की अवधि का ही अतिरिक्त शुल्क चुकाएंगे। नए टैरिफ के तहत बिजली की खपत महंगी भी हो जाएगी। आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में संशोधन किया है।
विज्ञापन
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं को 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा। इस बढ़ोतरी का असर मासिक बिजली बिल पर पड़ेगा और आम उपभोक्ताओं का खर्च करीब 30 रुपये से 500 रुपये तक बढ़ सकता है। नए आदेश में स्थानीय निकायों और सरकारी कार्यालयों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम दरों का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप उपभोक्ताओं को भी राहत देते हुए ऊर्जा प्रभार पर मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
सीएसईआरसी की ओर से जारी यह नई व्यवस्था आगामी 1 जुलाई से प्रभावी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि लेट पेमेंट सरचार्ज में बदलाव से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जबकि बिजली दरों में वृद्धि से अतिरिक्त वित्तीय भार भी उठाना पड़ेगा।
अब तक बिजली बिल की निर्धारित तिथि निकल जाने पर उपभोक्ताओं से पूरे महीने के लिए 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। चाहे बिल एक दिन देर से जमा किया जाए या 20 दिन बाद, जुर्माना समान रूप से लागू होता था। लेकिन 1 जुलाई से यह व्यवस्था बदल जाएगी। अब देरी के दिनों के आधार पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियम के अनुसार, बिल भुगतान में जितने दिन की देरी होगी, उसी हिसाब से 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से पेनल्टी लगेगी। इससे एक-दो दिन की देरी करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में पहली बार बिजली बिलों पर प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसे अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी कदम माना जा रहा है। इससे उपभोक्ता केवल वास्तविक देरी की अवधि का ही अतिरिक्त शुल्क चुकाएंगे। नए टैरिफ के तहत बिजली की खपत महंगी भी हो जाएगी। आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में संशोधन किया है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं को 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा। इस बढ़ोतरी का असर मासिक बिजली बिल पर पड़ेगा और आम उपभोक्ताओं का खर्च करीब 30 रुपये से 500 रुपये तक बढ़ सकता है। नए आदेश में स्थानीय निकायों और सरकारी कार्यालयों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम दरों का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप उपभोक्ताओं को भी राहत देते हुए ऊर्जा प्रभार पर मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
सीएसईआरसी की ओर से जारी यह नई व्यवस्था आगामी 1 जुलाई से प्रभावी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि लेट पेमेंट सरचार्ज में बदलाव से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जबकि बिजली दरों में वृद्धि से अतिरिक्त वित्तीय भार भी उठाना पड़ेगा।