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Raipur News: फर्जी नौकरी और डिग्री घोटाले का पर्दाफाश, 2.34 करोड़ की ठगी, मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:55 PM IST
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सार
रायपुर में नौकरी लगाने और फर्जी मेडिकल डिग्री तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना को भी दिल्ली से दबोच लिया गया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर में नौकरी लगाने और फर्जी मेडिकल डिग्री तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना को भी दिल्ली से दबोच लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और एमबीबीएस व बीएएमएस जैसी मेडिकल डिग्री बनवाने का झांसा देकर ठगी करते थे। इस पूरे मामले में करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी साक्षी सिंह से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, जहां से गिरोह के मास्टरमाइंड सुनील प्रताप (40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के 30 से अधिक लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार कर दी थीं। इससे पहले इस मामले में भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे, साक्षी सिंह और अंकित तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और इस नेटवर्क के विस्तार की भी जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और एमबीबीएस व बीएएमएस जैसी मेडिकल डिग्री बनवाने का झांसा देकर ठगी करते थे। इस पूरे मामले में करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है।
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जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी साक्षी सिंह से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, जहां से गिरोह के मास्टरमाइंड सुनील प्रताप (40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के 30 से अधिक लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार कर दी थीं। इससे पहले इस मामले में भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे, साक्षी सिंह और अंकित तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और इस नेटवर्क के विस्तार की भी जांच कर रही है।