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बगिया के किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का साथ: कृषि विश्वविद्यालय और मिनीमाता बांगो डिवीजन के बीच हुआ समझौता
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 26 May 2026 03:25 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ जशपुर जिले के बगिया क्षेत्र के किसानों के लिए कृषि विकास और आय बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और मिनीमाता बांगो डिवीजन, कटघोरा के बीच सोमवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
कृषि विश्वविद्यालय और मिनीमाता बांगो डिवीजन के बीच हुआ समझौता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ जशपुर जिले के बगिया क्षेत्र के किसानों के लिए कृषि विकास और आय बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और मिनीमाता बांगो डिवीजन, कटघोरा के बीच सोमवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और बाजार आधारित कृषि व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
समझौते के तहत मिनीमाता बांगो बांध के कमांड क्षेत्र में आने वाले 13 गांवों में कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र, जशपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया है। परियोजना के अंतर्गत किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच, फसल सर्वे और मौजूदा कृषि स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।
किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से फसल प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें। इसके अलावा उन्नत बीज, जैव उर्वरक, कृषि उपकरण और उद्यानिकी फसलों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।
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परियोजना के तहत ग्रामीण युवाओं और पानी कृषि मित्रों को प्रशिक्षण देकर कृषि आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। समय-समय पर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित कर किसानों को जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण और बाजारोन्मुख खेती की जानकारी दी जाएगी।
इस पहल के माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसान संगठित होकर अपने उत्पादों के बेहतर विपणन और मूल्य संवर्धन का लाभ उठा सकें। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना जशपुर के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ग्रामीण कृषि व्यापार को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
समझौते के तहत मिनीमाता बांगो बांध के कमांड क्षेत्र में आने वाले 13 गांवों में कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र, जशपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया है। परियोजना के अंतर्गत किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच, फसल सर्वे और मौजूदा कृषि स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।
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किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से फसल प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें। इसके अलावा उन्नत बीज, जैव उर्वरक, कृषि उपकरण और उद्यानिकी फसलों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।
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परियोजना के तहत ग्रामीण युवाओं और पानी कृषि मित्रों को प्रशिक्षण देकर कृषि आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। समय-समय पर प्रक्षेत्र दिवस आयोजित कर किसानों को जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण और बाजारोन्मुख खेती की जानकारी दी जाएगी।
इस पहल के माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसान संगठित होकर अपने उत्पादों के बेहतर विपणन और मूल्य संवर्धन का लाभ उठा सकें। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना जशपुर के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ग्रामीण कृषि व्यापार को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।