सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Fraud of Rs 42.50 lakh in name of getting an e-vehicle agency, police registered an FIR in Raipur

Raipur Crime: ई-व्हीकल एजेंसी दिलाने के नाम पर 42.50 लाख रुपये की ठगी, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sun, 01 Feb 2026 02:24 PM IST
विज्ञापन
सार

पीड़ित की शिकायत के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एजेंसी दिलाने के नाम पर कारोबारी से करीब 42.50 लाख रुपये वसूल लिए गए।
 

Fraud of Rs 42.50 lakh in name of getting an e-vehicle agency, police registered an FIR in Raipur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा क्षेत्र में ई-व्हीकल एजेंसी दिलाने का झांसा देकर एक कारोबारी से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि एजेंसी दिलाने के नाम पर कारोबारी से करीब 42.50 लाख रुपये वसूल लिए गए।
Trending Videos


पुलिस को दी गई शिकायत में रूपेश कुमार सोनी ने बताया कि वह वर्ष 2023 में इलेक्ट्रिक वाहन के व्यवसाय में कदम रखना चाहता था। इसी दौरान उसके पड़ोसी पंकज कुमार जैन ने उसे भरोसा दिलाया कि वह ई-व्हीकल की एजेंसी दिला सकता है। इसके बाद पंकज ने उसकी मुलाकात सागर प्रकाश शिल्के से कराई, जिसने खुद को एक ई-व्हीकल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बताते हुए एजेंसी देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप है कि दोनों ने मिलकर 22 मई 2023 से 12 अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में चेक के माध्यम से रूपेश से कुल 42 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने जल्द ही एजेंसी मिलने की बात कहकर शोरूम की तैयारी करने को कहा। उनके कहने पर पीड़ित ने संतोषीनगर स्थित पुराने धमतरी रोड पर किराए पर दुकान ली और वहां इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम तैयार कराया। इस पूरी प्रक्रिया में शोरूम साज-सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं पर अलग से लाखों रुपये खर्च किए गए।

काफी समय बीत जाने के बावजूद जब एजेंसी नहीं मिली तो पीड़ित ने आरोपियों पर दबाव बनाया। इसके बाद करीब दो साल के अंतराल में आरोपियों ने किश्तों में केवल 14.50 लाख रुपये वापस किए और शेष राशि वाहन प्रमोशन में खर्च होने की बात कही। इसके बावजूद न तो एजेंसी दी गई और न ही किसी तरह की वाहन सप्लाई शुरू की गई।

जब पीड़ित को ठगी का शक हुआ तो उसने सागर द्वारा बताए गए पते पर जाकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह पता फर्जी निकला। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed