{"_id":"69fc80b3614ddc07af062790","slug":"faisla-gorella-pendra-marwahi-news-c-1-1-noi1501-4252359-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीपीएम: ससुरालवालों पर जानलेवा हमला करने वाले दामाद को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीपीएम: ससुरालवालों पर जानलेवा हमला करने वाले दामाद को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 07:15 PM IST
विज्ञापन
सार
गौरेला पेंड्रा मरवाही में गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धनौली में अपने ही ससुराल वालों पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी दामाद को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है।
ससुराल में हमला करने वाले दामाद को सजा।।।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गौरेला पेंड्रा मरवाही में गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धनौली में अपने ही ससुराल वालों पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी दामाद को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी धरम कोल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना 29 सितंबर 2025 की है, जब आरोपी धरम कोल अपने ससुराल ग्राम धनौली पहुंचा था। वहां घरेलू विवाद को लेकर उसने अपना आपा खो दिया और घर में रखी टंगिया (कुल्हाड़ी) से अपनी ही पत्नी की बहन सुकवरिया बाई के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। जब बीच-बचाव करने के लिए सुकवरिया के माता-पिता यानी आरोपी के सास-ससुर बुधिया बाई और नानदाऊ कोल सामने आए, तो आरोपी ने उन पर भी टंगिया के धारदार हिस्से से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस खूनी संघर्ष में तीनों ही लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रार्थी बिहारी लाल कोल की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने मज़बूती से पक्ष रखा और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी ने घातक हथियार से जान से मारने की नीयत से हमला किया था। हालांकि, धारा 351(3) के आरोपों में संदेह का लाभ देते हुए उसे दोषमुक्त किया गया, लेकिन धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत तीन अलग-अलग हमलों के लिए उसे दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने आरोपी धरम कोल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 1,000-1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।