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IGNTU में मचा बवाल: असम के छात्र से मारपीट, पीड़ित की शिकायत पर पांच छात्र निष्कासित, सामने आया था ये वीडियो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 15 Jan 2026 08:25 AM IST
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सार
अमरकंटक स्थित आईजीएनटीयू के छात्रावास में उत्तर-पूर्वी छात्र के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पांच छात्रों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
छात्रावास में छात्रों के बीच मारपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक में छात्रावास में छात्रों के बीच मारपीट की एक गंभीर घटना सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच छात्रों को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है। यह घटना 14 जनवरी 2026 को हुई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
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विश्वविद्यालय के कार्यालय आदेश के अनुसार, छात्रावास में रहने वाले एक उत्तर-पूर्वी छात्र, हीरोस ज्योती दास के साथ मारपीट की गई थी। मुख्य छात्रावास अधीक्षक और छात्रावास अधीक्षक की रिपोर्ट तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया। निष्कासित किए गए छात्र बी.एससी. और बी.फार्मेसी के विद्यार्थी हैं, जो गोंडवाना हॉस्टल में रह रहे थे।
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निष्कासित किए गए पांच छात्रों में अनुराग पाण्डेय (बीजेएमसी, 6 सेम), जतिन सिंह (बीवॉक, 6 सेम), रजनीश त्रिपाठी (बीवॉक, 6 सेम), विशाल यादव (बायोटेक, 6 सेम) और उत्कर्ष सिंह (बी. फार्म, 6 सेम) शामिल हैं। ये सभी छात्र गोंडवाना हॉस्टल के विभिन्न कमरों में रह रहे थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई परिसर में अनुशासन बनाए रखने और सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए प्रकरण को विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति को सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या कानून व्यवस्था को भंग करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक सख्त किए जाने की बात भी कही गई है।