Chhattisgarh IED Blast: कांकेर में आईईडी ब्लास्ट; डीआरजी के चार जवानों का बलिदान, जानें कैसे हुआ हादसा
IED Blast in Kanker: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। शनिवार को आईईडी निष्क्रिय करने के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें डीआरजी के तीन जवान मौके पर ही बलिदान हो गये।
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IED Blast in Kanker: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। शनिवार को आईईडी निष्क्रिय करने के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें डीआरजी के तीन जवान मौके पर ही बलिदान हो गये। वहीं एक जवान को हेलीकॉप्टर से रायपुर से लाया गया, जहां इलाज के दौरान वह भी बलिदान हो गये। इस प्रकार कुल चार जवान वीरगति को प्राप्त हो गये।
डीआरजी टीम प्रदेश के कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में नक्सलियों के छिपाए गए डंप की तलाश में निकली थी। इस दौरान आईईडी को हटाने की कोशिश में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे चार जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने घटना की पुष्टि की है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि अन्य संभावित को खोजकर निष्क्रिय किया जा सके। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की संभावित गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ये जवान हुए बलिदान
- इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी
- कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा
- कॉन्स्टेबल संजय गढपाले
- कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा

जानें कैसे हुआ हादसा
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों की ओर से दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर माओवादियों के पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों की तरफ से बरामद कर निष्क्रिय किए गए थे, लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोट हो गया, जिसके कारण मौके पर ही तीन पुलिस बल के सदस्य वीरगति को प्राप्त हो गये। वहीं एक जवान का रायपुर में इलाज के दौरान बलिदान हो गये।
नक्सली बिछा रखे हैं बारूद
बता दें कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछा रखी है, जो समय-समय पर हादसे का सबब बनती रहती है। वहीं वहां पर तैनात फोर्स और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में लगातार सर्चिंग कर इन बारूदी सुरंगों की तलाश कर उन्हें निष्क्रिय करने में लगे हुए हैं।
शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।…
कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में डीमाइनिंग अभियान के दौरान IED विस्फोट में DRG के तीन वीर जवानों के शहीद होने तथा एक जवान के घायल होने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 2, 2026
शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।…
फिर बढ़ी फोर्स की चिंता
बड़ी बात ये है कि यह घटना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 31 मार्च को राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सशस्त्र नक्सलमुक्त घोषित किया था। इसके बाद नक्सल मामले से जुड़ा यह पहला विस्फोट है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फोर्स की फिर चिंता बढ़ा दी है। वहीं सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
