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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Indefinite protest of Congress begins in Bemetara regarding purchase and sale of Shri Ram Temple land

CG: श्रीराम मंदिर भूमि खरीदी-बिक्री मामले में कांग्रेस का धरना शुरू, ज्ञापन सौंपने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Fri, 18 Oct 2024 04:54 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा Published by: श्याम जी. Updated Fri, 18 Oct 2024 04:54 PM IST
सार

पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बताया कि श्रीराम मंदिर ग्राम मजगांव की भूमि को भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि द्वारा खरीदी व बिक्री किए जाने के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया है। ज्ञापन सौंपने व मामले को संज्ञान में लाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। 

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Indefinite protest of Congress begins in Bemetara regarding purchase and sale of Shri Ram Temple land
कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेमेतरा जिले के ग्राम मजगांव स्थित श्रीराम मंदिर भूमि खरीदी-बिक्री मामले को लेकर कांग्रेसियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस मामले में बीते दिनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं का पुतला दहन किया था। 

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बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बताया कि श्रीराम मंदिर ग्राम मजगांव की भूमि को भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि द्वारा खरीदी व बिक्री किए जाने के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया है। ज्ञापन सौंपने व मामले को संज्ञान में लाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस पूरे प्रकरण में अभी तक प्रदेश के किसी भी भाजपा नेता का कोई बयान नहीं आया है, जो कि निंदनीय है। इस मामले में शीर्ष व स्थानीय भाजपा नेताओं की चुप्पी साफ-साफ दर्शाती है कि अपराधियों को सत्ता संरक्षण प्राप्त है। 
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उन्होंने बताया कि ग्राम मजगांव स्थित श्रीराम मंदिर की भूमि खसरा नंबर 465रकबा 1.66 हेक्टेयर, जो राजस्व अभिलेख में मंदिर के नाम से दर्ज थी। इसे वर्ष 2020 में षडयंत्र पूर्वक सर्वराकार दुलेश्वर साहू द्वारा भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि की पत्नी के नाम से बेचा गया है। यह भूमि श्री रामचंद्र जी मूर्ति मंदिर सार्वजनिक न्यास (ट्रस्ट) अधिनियम 1951 के तहत पंजीकृत है। इस भूमि का रजिस्ट्री नहीं कर सकते है। 
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इसके बाद भी राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए खरीदी-बिक्री की गई है। भूमि को 11 लाख 62 हजार 500 रुपये में बेचा गया है, जबकि इसका वास्तविक मूल्य करोड़ों रुपये में है। इसके चलते ट्रस्ट को नुकसान हुआ है। हालांकि, इस मामले में अब तक जिला प्रशासन ने दो पटवारी को सस्पेंड किया है। इसके अलावा एक नायब तहसीलदार को जिला कार्यालय में अटैच किया है।

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