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शुभेंदु सरकार का एलान: आपातकाल के समय जेल जाने वालो को मिलेगी 10000 रुपये पेंशन, किस योजना के तहत मिलेगा लाभ?

Sun, 09 Aug 2026 11:12 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 09 Aug 2026 11:12 PM IST
सार

Suvendu Adhikari Announcement: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इमरजेंसी के दौरान जेल गए 325 लोगों के लिए हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने का ऐलान किया है। उन्हें सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए एक हजार रुपये की चिकित्सा सहायता भी मिलेगी। सरकार ने इसे लोकतंत्र की रक्षा करने वालों के सम्मान से जोड़ा। आइए, विस्तार से अब पूरे मामले को समझते हैं...
 

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Bengal Suvendu Adhikari Announces 10000 rs Monthly Pension for Emergency-Era Prisoners Free Bus Travel Too
पेंशन देने की क्या वजह? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को इमरजेंसी के दौरान जेल गए 325 लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया। राज्य सरकार इन लोगों को हर महीने 10,000 रुपये की पेंशन देगी। इसके साथ ही उन्हें सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 1,000 रुपये की चिकित्सा सहायता भी दी जाएगी। सरकार ने इन लोगों को ‘पश्चिम बंगाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ से सम्मानित किया है।
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सरकार ने इन लोगों को पेंशन देने का फैसला क्यों किया?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगी पाबंदियों का विरोध करने वाले लोगों ने काफी मुश्किलें झेलीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए जेल जाने वालों के योगदान को याद रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों के संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। सरकार ने यह फैसला सत्ता में आने के 90 दिनों के भीतर अपना वादा पूरा करने के तौर पर पेश किया है।
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इमरजेंसी के दौरान कितने लोग जेल गए थे?

  • देश में 25 जून 1975 को इमरजेंसी लागू की गई थी।
  • सरकार के अनुसार, देशभर में करीब एक लाख लोग जेल गए थे।
  • पश्चिम बंगाल से करीब 5,000 लोगों के जेल जाने का दावा किया गया है।
  • राज्य सरकार ने फिलहाल 325 लोगों की पहचान लाभार्थियों के तौर पर की है।
  • हर लाभार्थी को हर महीने 10,000 रुपये पेंशन मिलेगी।
  • सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए 1,000 रुपये की सहायता भी मिलेगी।

लाभार्थी की मौत होने पर परिवार को क्या मिलेगा?

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सम्मान और पेंशन पाने वाले किसी व्यक्ति की मौत हो चुकी है, तो उसके पति या पत्नी को ये लाभ दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वालों को सम्मान देना भी है। इस मौके पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मौजूदा सरकार खुद को उन लोगों के आदर्शों से जोड़ती है, जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
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बंगाल के इतिहास और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर क्या फैसला हुआ?

शुभेंदु अधिकारी ने पिछली वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और बंगाल के इतिहास में राष्ट्रवाद के महत्व को कम करके दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर सरकार कई कार्यक्रम करेगी। 13 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी।


यह समिति स्कूल की किताबों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और बंगाल के विभाजन के इतिहास से जुड़ी सामग्री को शामिल करने के प्रस्ताव पर काम करेगी। केंद्र की भाजपा सरकार 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है। कई भाजपा शासित राज्यों में भी इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोगों को सम्मान और पेंशन दी गई है।
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