फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NCDC Amendment Bill 2026 Government to Expand Cooperative Body Powers Allow Direct Loans and Grants

Lok Sabha: NCDC का दायरा बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश करेगी सरकार, सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा?

Sun, 09 Aug 2026 11:52 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 09 Aug 2026 11:52 PM IST
सार

NCDC Amendment Bill 2026: सरकार सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी एनसीडीसी के अधिकार बढ़ाने वाला संशोधन विधेयक पेश करेगी। इसके तहत एनसीडीसी सहकारी समितियों के अलावा सहकारी क्षेत्र के विकास से जुड़े अन्य संस्थानों को भी सीधे कर्ज और अनुदान दे सकेगा। ऐसे में सवाल है कि इस बदलाव से सहकारी क्षेत्र को कितनी सीधी वित्तीय मदद मिलेगी और क्या इससे देश में सहकारी संस्थाओं का काम तेजी से बढ़ेगा। आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
NCDC Amendment Bill 2026 Government to Expand Cooperative Body Powers Allow Direct Loans and Grants
क्या अब गैर-सहकारी संस्थाओं को भी मिलेगी मदद? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एनसीडीसी के काम का दायरा बढ़ाना है। अभी एनसीडीसी मुख्य रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से योजनाओं की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने और वित्तीय मदद देने का काम करता है। नए विधेयक के बाद एनसीडीसी सहकारी क्षेत्र के विकास से जुड़े ऐसे संस्थानों को भी सीधे कर्ज और अनुदान दे सकेगा, जो खुद सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। सरकार का कहना है कि इससे सहकारी क्षेत्र तक वित्तीय मदद पहुंचाने का रास्ता आसान होगा।

विज्ञापन

नए कानून से सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा?

प्रस्तावित संशोधन के तहत सहकारी समितियां आगे भी एनसीडीसी की प्राथमिक लाभार्थी बनी रहेंगी। हालांकि, उन्हें मजबूत करने वाले दूसरे संस्थानों को भी एनसीडीसी से सीधे वित्तीय सहायता मिल सकेगी। इसमें बुनियादी ढांचा, तकनीक, प्रसंस्करण, मार्केटिंग और दूसरी जरूरी सेवाएं देने वाली संस्थाएं शामिल हो सकती हैं। सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सहकारी क्षेत्र का काम काफी बढ़ा और अलग-अलग क्षेत्रों में फैला है। कई सरकारी एजेंसियां, वैधानिक संस्थाएं और विशेषज्ञ संस्थान अब सहकारी क्षेत्र के विकास में भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सीधे मदद देने की जरूरत महसूस की गई है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- शुभेंदु सरकार का एलान: आपातकाल के समय जेल जाने वालो को मिलेगी 10000 रुपये पेंशन, किस योजना के तहत मिलेगा लाभ?

विज्ञापन
विज्ञापन

NCDC को कर्ज और अनुदान देने के कौन से नए अधिकार मिलेंगे?

विधेयक एनसीडीसी को सहकारी समितियों या सहकारी क्षेत्र के विकास में काम करने वाली किसी भी संस्था को सीधे कर्ज और अनुदान देने का अधिकार देने का प्रस्ताव करता है। यह पैसा केवल सहकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा एनसीडीसी को केंद्र सरकार की मंजूरी से सहकारी समितियों या सहकारी विकास में लगी अन्य संस्थाओं की शेयर पूंजी में हिस्सा लेने की अनुमति भी मिल सकती है। इससे एनसीडीसी के पास सहकारी क्षेत्र में निवेश और वित्तीय मदद देने के ज्यादा विकल्प होंगे। विधेयक में एनसीडीसी को अपने काम को प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए अतिरिक्त शक्तियां देने का भी प्रस्ताव है।

विधेयक में खाने-पीने और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े क्या बदलाव हैं?

  • ‘खाद्य सामग्री’ की परिभाषा को बढ़ाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार जिन अन्य खाद्य वस्तुओं को अधिसूचित करेगी, उन्हें भी इसमें शामिल किया जा सकेगा।
  • औद्योगिक वस्तुओं से जुड़ी मदद पर लागू भौगोलिक सीमा हटाने का प्रस्ताव है। इससे संबंधित गतिविधियों को जगह की परवाह किए बिना सहायता मिल सकेगी।
  • एनसीडीसी को नए और बदलते सहकारी क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार काम करने में अधिक कानूनी और प्रशासनिक लचीलापन मिलेगा।
  • सहकारी क्षेत्र के विकास में काम करने वाली गैर-सहकारी संस्थाओं तक भी वित्तीय सहायता पहुंचाने का रास्ता खुलेगा।

 

NCDC कब बना था और अब इसमें बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम एक वैधानिक संस्था है और यह सहकारिता मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसकी स्थापना 1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 के तहत हुई थी। इसका मुख्य काम कृषि उपज, खाद्य सामग्री, औद्योगिक वस्तुओं, पशुधन और अन्य अधिसूचित वस्तुओं के उत्पादन, प्रसंस्करण, मार्केटिंग, भंडारण और आयात-निर्यात से जुड़े सहकारी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और वित्तीय मदद देना है।

मूल कानून में 1973, 1974 और 2002 में भी बदलाव किए गए थे। जून 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय बनने और केंद्र की ओर से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने की कई पहल के बाद एनसीडीसी की भूमिका और बढ़ी है। सरकार का तर्क है कि सहकारी क्षेत्र के बदलते स्वरूप के हिसाब से अब कानून में भी बदलाव जरूरी हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed