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माओवादियों में फूट: चंद्रन्ना के बयान को ओएससी ने किया खारिज, पत्र जारी कर कहा- देवजी नहीं बना है महासचिव
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:47 PM IST
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सार
फोर्स के एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर नक्सलियों की ओर से बौखलाहट देखी जा रही है। वहीं कई माओवादी धड़ाधड़ सरेंडर कर रहे हैं। आलम यह है कि बसवराजू की मौत के बाद केंद्रीय कमेटी की बैठक आयोजित करने के लिए कोई परिस्थिति ही नहीं बन पाई है।
छत्तीसगढ़ में नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नक्सल संगठन के महासचिव रहे बसवराजू की मौत के बाद महासचिव के पद को लेकर कोई भी बैठक आयोजित नहीं की गई है, जिस कारण यह पद किसी को नहीं दिया जा सका है। देवजी के नाम की कोई चर्चा ही नहीं हुई और ना ही उसे महासचिव बनाया गया है। ओडिशा राज्य कमेटी (ओएससी) के अधिकार प्रतिनिधि, गणेश ने पत्र जारी कर यह बात कही है।
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बता दें कि फोर्स के एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर नक्सलियों की ओर से बौखलाहट देखी जा रही है। बसवराजू की मौत के बाद केंद्रीय कमेटी की बैठक आयोजित करने के लिए कोई परिस्थिति ही नहीं बन पाई है। कामरेड चंद्रन्ना ने बयान में कहा था कि कामरेड देवजी को महासचिव चुना गया है, जिसे अब ओडिशा राज्य कमेटी ने गलत करार दिया है। साथ ही आत्मसमर्पण कर चुके चंद्रन्ना पर नक्सलियों के द्वारा झूठा प्रचार और कपटपूर्ण बयान देने का आरोप भी लगाया है। केंद्रीय कमेंटी सदस्य और तेलंगाना राज्य कमेटी के सचिव चंद्रन्ना ने 28 अक्तूबर को हैदराबाद में जाकर आत्मसमर्पण करते हुए लाल सलाम का नारा लगाया था, जिसे नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने से पूर्व उसे ढकोसला करार दिया है, नक्सली संगठन ने कहा है कि चंद्रन्ना खुद को क्रांतिकारी कहने का अधिकार खो चुका है।
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ओडिशा राज्य कमेटी ने कही यह बात
ओडिशा राज्य कमेटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में उनकी पार्टी को गंभीर भौतिक नुकसान हुआ है। इससे उबरने के लिए, आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए वह आगे भी कोशिश जारी रखेंगे।
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