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कबीरधाम: वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए दुर्ग वृत्त के जंगलों को बनाया जाएगा फांदा-मुक्त, कार्यशाला का आयोजन

अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 19 Dec 2025 07:19 PM IST
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सार

कबीरधाम जिले में बीते कुछ दिनों से जंगल में वन्यप्राणियों के शिकार के मामले सामने आए है। हाल में दो बायसन व एक तेंदुए के शिकार की घटना सामने आने के बाद वन विभाग की किरकिरी हुई है।

Forests in the Durg circle will be made trap free to protect wildlife a workshop was organized for this purpos
कार्यशाला का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कबीरधाम जिले में बीते कुछ दिनों से जंगल में वन्यप्राणियों के शिकार के मामले सामने आए है। हाल में दो बायसन व एक तेंदुए के शिकार की घटना सामने आने के बाद वन विभाग की किरकिरी हुई है। हालांकि, बायसन शिकार मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन दोनों मामले में विभाग ने अपने चार कर्मचारी को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड भी किया है। इस बीच विभाग ने लगातार बढ़ रहे शिकार के मामले को देखते हुए आज शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया। नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी रायपुर के सहयोग से दुर्ग वृत्त के सभी वन क्षेत्र को फांदा-मुक्त बनाने विशेष अभियान संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। 

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अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) माथेश्वरन व्ही ने कहा कि प्रत्येक वन बीट को सशक्त बनाना जरूरी है,जिससे किसी भी अप्रिय घटना को घटित होने से पूर्व ही रोका जा सके। उन्होंने सभी अधिकारी को अपने मुख्यालय में निवास करने, क्षेत्र में गश्त, डाटा संकलन करने, सूचना प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। एम सूरज व सिद्धांत जैन ने स्नेयर (फांदा) के प्रकार, उसकी कार्यप्रणाली व एंटी स्नेयर वॉक की व्यवहारिक विधि के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
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‘एंटी स्नेयर वॉक’’ का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्रों में शिकारियों द्वारा लगाए जाने वाले फांदों पर पूर्ण अंकुश लगाना है। बिजली विभाग के इंजीनियर गुरुदयाल सिंह फ्लोरा ने जंगल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली लाइन में अवैध हुकिंग की समस्या व उसके नियंत्रण के उपायों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने वन व बिजली विभाग के मध्य संयुक्त बैठक आयोजित कर समन्वित रणनीति तैयार करने का सुझाव दिया। पुलिस विभाग के साइबर विंग से एएसआई चंद्रकांत तिवारी ने बताया कि मोबाइल फोन व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के माध्यम से अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सकता है। अधिवक्ता निमिष कुमार शर्मा द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किए जाने वाले अवैध शिकार से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

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