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Kabirdham: पहाड़ों को काटकर बनी सड़क से सेजाडीह गांव की बदली तस्वीर, ग्रामीणों की दूर हुई परेशानी
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:02 AM IST
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सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण
- फोटो : कबीरधाम जनसंपर्क विभाग
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कबीरधाम के सुदूर वनांचल में बसे सेजाडीह गांव की तस्वीर अब बदल चुकी है। पहाड़ों के बीच बसे इस गांव तक कभी पहुंचना चुनौती था, लेकिन अब यहां तक पक्की सड़क बन गई है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनी इस सड़क ने न सिर्फ आवागमन आसान किया, बल्कि गांव की पूरी जिंदगी बदल दी है।
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पीएमजीएसवाई विभाग ने सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया है। करीब 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए की लागत से बनी इस सड़क के लिए पहाड़ों की कटिंग कर रास्ता तैयार किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। सड़क बनने का सबसे बड़ा असर यह हुआ कि अब गांव में ही हर मंगलवार को बाजार लगने लगा है। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
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पहले पहाड़, अब रास्ता
एक समय था जब सेजाडीह पहुंचने के लिए केवल संकरे और खतरनाक पहाड़ी रास्ते ही विकल्प थे। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। मरीजों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों को स्कूल भेजना-हर काम मुश्किल था।
गांव तक पहुंच रही गाड़ियां
ग्राम निवासी धनसिंह धुर्वे बताते हैं कि पहले राशन, दवाई और खेती का सामान लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक जाना पड़ता था। सामान सिर या कंधे पर ढोकर लाना पड़ता था।अब हालात बदल गए हैं-गांव तक सीधे वाहन पहुंच रहे हैं और जरूरी सामान आसानी से मिल रहा है।

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