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Kabirdham: कबीरधाम में 200 आदिवासियों की मूल धर्म में वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 08:09 PM IST
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सार
कबीरधाम जिले में संस्कृति गौरव सम्मेलन व अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की। करीब 200 आदिवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मूल धर्म में प्रवेश किया।
पैर पखारकर स्वागत किया गया
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विस्तार
कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बूचीपारा में गुरुवार को आयोजित संस्कृति गौरव सम्मेलन व अभिनंदन समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की। कार्यक्रम में पास्टर समेत ग्राम छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा के करीब 200 आदिवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने मूल धर्म में प्रवेश किया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा विधायक भावना बोहरा ने सभी लोगों का पैर पखारकर स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान मंच पर मौजूद लोगों ने इसे आदिवासी संस्कृति और परंपरा के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
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सभा को संबोधित करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अब केवल विकास कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण के प्रयास किए गए, जिससे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश हुई।अब समाज जागरूक हो रहा है और अपनी संस्कृति व मूल आस्था की ओर लौट रहा है।
घर वापसी केवल अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सभ्यता और मूल निवासियों की अस्मिता बचाने का जन आंदोलन है।विधायक ने यह भी कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए भोले-भाले आदिवासी परिवारों को भ्रमित कर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आदिवासी संस्कृति, स्वाभिमान और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समाज प्रमुख, जिला व जनपद सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा विधायक भावना बोहरा ने सभी लोगों का पैर पखारकर स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान मंच पर मौजूद लोगों ने इसे आदिवासी संस्कृति और परंपरा के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
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सभा को संबोधित करते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अब केवल विकास कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण के प्रयास किए गए, जिससे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश हुई।अब समाज जागरूक हो रहा है और अपनी संस्कृति व मूल आस्था की ओर लौट रहा है।

घर वापसी केवल अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सभ्यता और मूल निवासियों की अस्मिता बचाने का जन आंदोलन है।विधायक ने यह भी कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए भोले-भाले आदिवासी परिवारों को भ्रमित कर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आदिवासी संस्कृति, स्वाभिमान और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समाज प्रमुख, जिला व जनपद सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।