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कबीरधाम: 13 विषय में पीजी करने वाले प्राचार्य डॉ. रमेश चंद्रवंशी ने अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास

अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 25 Oct 2025 05:30 PM IST
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सार

मेहनत और लगन से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है। इसे एक बार फिर चरितार्थ करते हुए कबीरधाम जिले के एक साधारण से गांव से निकले शिक्षाविद ने असाधारण उपलब्धि हासिल किया है।

Principal Dr Ramesh Chandravanshi who has done PG in 13 subjects created history by breaking his own world rec
प्राचार्य डॉ. रमेश चंद्रवंशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेहनत और लगन से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है। इसे एक बार फिर चरितार्थ करते हुए कबीरधाम जिले के एक साधारण से गांव से निकले शिक्षाविद ने असाधारण उपलब्धि हासिल किया है। जिले के कवर्धा ब्लॉक अंतर्गत स्थित शासकीय हाई स्कूल छिरहा के प्राचार्य और ग्राम परसवारा निवासी डॉ. रमेश कुमार चंद्रवंशी ने ज्ञान की अनवरत साधना और सीखने की अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी मिशाल कायम किया है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। डॉ. चन्द्रवंशी ने अपने ही पुराने विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए एक ही विवि से 13विषयों में मास्टर डिग्री हासिल कर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसके चलते उनका नाम प्रतिष्ठित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दूसरी बार अंकित हो गया है। उन्हें यह सम्मान मोस्ट मास्टर डिग्री अर्नड फ्रॉम वन यूनिवर्सिटी अर्थात एक ही विवि से अर्जित सर्वाधिक मास्टर डिग्रियां शीर्षक से प्रदान किया गया है। उन्होंने अपनी सभी तेरह मास्टर डिग्रियां छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित पं. रविशंकर शुक्ल विवि रायपुर से ही प्राप्त किया है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी यह विश्व रिकॉर्ड बारह विषयों में मास्टर डिग्री के साथ उन्हीं के नाम दर्ज था, जिसे अब उन्होंने स्वयं ही वर्ष 2025 में अंग्रेजी साहित्य में तेरहवीं मास्टर डिग्री पूरी कर तोड़ दिया है।

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तीन दशकों की अनवरत ज्ञान साधना
डॉ. रमेश कुमार चंद्रवंशी की यह यात्रा कोई दो-चार वर्षों की नहीं, बल्कि तीस वर्षों की तपस्या का फल है। उनकी इस ज्ञान यात्रा का शुभारंभ सन 1996 में हुआ, जब उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विवि रायपुर से गणित विषय में एमएससी की उपाधि प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान प्राप्त करते हुए हासिल की। सन 2005 में विभागीय चयन प्रक्रिया के आधार पर शासकीय शिक्षा महाविद्यालय रायपुर से प्रथम श्रेणी में मास्टर ऑफ एजुकेशन की उपाधि प्राप्त किया। सन 2004 में राजनीति विज्ञान, 2007 में अर्थशास्त्र, 2009 में इतिहास, 2011 में हिन्दी साहित्य, 2013 में समाजशास्त्र, 2015 में लोकप्रशासन, 2017 में भूगोल, 2019 में दर्शनशास्त्र, 2021 में प्राचीन भारतीय इतिहास, 2023 में भाषाविज्ञान एवं वर्तमान वर्ष 2025 में अंग्रेजी में मास्टर डिग्री प्राप्त किया है। इस लंबी अवधि के दौरान उनके सामने कई व्यक्तिगत और व्यावसायिक चुनौतियां आया, लेकिन उन्होंने धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखा।
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अद्वितीय सम्मान और नेतृत्व क्षमता
डॉ. चंद्रवंशी की उपलब्धियों की सूची यहीं समाप्त नहीं होती। वे छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में ऐसे पहले शिक्षक हैं, जिन्हें राज्यपाल के हाथों एक ही मंच पर एक साथ दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया हो। उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2025 को राजभवन रायपुर में राज्य शिक्षक सम्मान पुरस्कार और श्री गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार से अलंकृत किया गया। अकादमिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा, वे कर्मचारी हितों के प्रति भी पूर्ण रूप से समर्पित हैं। वे छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय से ही छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष के रूप में शिक्षकों का कुशल नेतृत्व कर रहे हैं।

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