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CG News: कटघोरा में लावारिस मवेशियों का आतंक, रातों-रात चौपट हो रही फसलें; किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Thu, 13 Aug 2026 11:06 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:06 PM IST
सार
Chhattisgarh News: कोरबा के कटघोरा क्षेत्र के ग्राम जुराली में लावारिस मवेशियों से किसान परेशान हैं। रात में मवेशी खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों और किसानों ने नगर पालिका व SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर गोठान शुरू कराने, चरवाहे की व्यवस्था करने और मवेशियों को सड़कों से हटाने की मांग की है।
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ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कटघोरा क्षेत्र के ग्राम जुराली में लावारिस मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रातभर मवेशी किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। आक्रोशित सैकड़ों नगरवासी और किसान आज नगर पालिका पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। बाद में नगर पालिका और SDM कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा गया।
90 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर
ग्राम जुराली पूरी तरह से कृषि प्रधान गांव है। यहां लगभग 90 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं। गर्मी में सब्जी और वर्तमान में धान की खेती की गई है। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बरसात के मौसम में लावारिस मवेशियों ने मुसीबत बढ़ा दी है। ये मवेशी दिन में सड़क और पुलों पर बैठे रहते हैं और रात होते ही खेतों में घुसकर खड़ी फसल को चौपट कर देते हैं। किसानों का आरोप है कि मौके पर जाकर देखें तो कई खेतों में फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
फसल के साथ लोगों की जान पर भी खतरा
समस्या सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। लावारिस मवेशियों के कारण आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। सड़क पर बैठे मवेशियों से टकराकर लोगों की मौत तक हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
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गोठान बना, लेकिन संचालन बंद
ग्रामीणों ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा जुराली में गोठान बनाया गया है, लेकिन उसका संचालन बंद है। गोठान की स्थिति जस की तस है। न हाता टूटा है और न ही खंभे-तार। ग्रामीणों का कहना है कि केवल इसे शुरू कर चरवाहे की व्यवस्था करने की जरूरत है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
'फसल खराब हुई तो पूरे गांव पर संकट'
किसान नारायण पटेल ने बताया कि हमारा गांव पूरी तरह किसानों का है। अगर फसल अच्छी नहीं हुई तो पूरे गांव को परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि गोठान को तुरंत चालू किया जाए और चरवाहे की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों की फसल और लोगों की जान दोनों बच सकें।
यह भी पढ़ें: 41 जिला परिषदों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट, हर संभाग में एक महिला जिला प्रमुख अनिवार्य
मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे नगर और किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल लोगों में भारी आक्रोश है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि लावारिस मवेशियों को तुरंत पकड़कर गोठान में रखा जाए, सड़कों से हटाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
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90 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर
ग्राम जुराली पूरी तरह से कृषि प्रधान गांव है। यहां लगभग 90 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं। गर्मी में सब्जी और वर्तमान में धान की खेती की गई है। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बरसात के मौसम में लावारिस मवेशियों ने मुसीबत बढ़ा दी है। ये मवेशी दिन में सड़क और पुलों पर बैठे रहते हैं और रात होते ही खेतों में घुसकर खड़ी फसल को चौपट कर देते हैं। किसानों का आरोप है कि मौके पर जाकर देखें तो कई खेतों में फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
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फसल के साथ लोगों की जान पर भी खतरा
समस्या सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। लावारिस मवेशियों के कारण आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। सड़क पर बैठे मवेशियों से टकराकर लोगों की मौत तक हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
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गोठान बना, लेकिन संचालन बंद
ग्रामीणों ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा जुराली में गोठान बनाया गया है, लेकिन उसका संचालन बंद है। गोठान की स्थिति जस की तस है। न हाता टूटा है और न ही खंभे-तार। ग्रामीणों का कहना है कि केवल इसे शुरू कर चरवाहे की व्यवस्था करने की जरूरत है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
'फसल खराब हुई तो पूरे गांव पर संकट'
किसान नारायण पटेल ने बताया कि हमारा गांव पूरी तरह किसानों का है। अगर फसल अच्छी नहीं हुई तो पूरे गांव को परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि गोठान को तुरंत चालू किया जाए और चरवाहे की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों की फसल और लोगों की जान दोनों बच सकें।
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मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे नगर और किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल लोगों में भारी आक्रोश है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि लावारिस मवेशियों को तुरंत पकड़कर गोठान में रखा जाए, सड़कों से हटाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।