{"_id":"695cf8ab06db8e26670a7553","slug":"landlady-sentenced-to-five-years-in-jail-double-murder-and-suicide-case-in-korba-2026-01-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"News: दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या मामले में सजा का एलान, मकान मालकिन को पांच साल की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
News: दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या मामले में सजा का एलान, मकान मालकिन को पांच साल की जेल
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 06 Jan 2026 05:27 PM IST
विज्ञापन
सार
कोरबा में डेढ़ साल पुराने मामले में मकान मालकिन संतोषी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराया गया है। जिसके लिए कोर्ट ने आरोपी महिला को पांच साल की सजा सुनाई है।
court room
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
ग्राम भाठापारा कुकरीचोली में करीब डेढ़ साल पूर्व हुई दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी संतोषी जगत को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। घटना 12 मई 2024 की रात करीब 8:30 बजे हुई थी, जब जयराम रजक ने अपनी पत्नी सुजाता रजक और पुत्री जयशिका रजक की हत्या के बाद स्वयं आत्महत्या कर ली थी।
Trending Videos
पुलिस विवेचना में पाया गया कि मृतक जयराम रजक, आरोपी संतोषी जगत के मकान का निर्माण कर रहा था। निर्माण कार्य की बकाया राशि 1 लाख 88 हजार 100 रुपये का भुगतान संतोषी जगत द्वारा नहीं किए जाने से जयराम परेशान था। इसी हताशा में उसने पहले अपनी पत्नी और पुत्री की हत्या की और फिर रजिस्टर में सुसाइड नोट के रूप में कारण अंकित कर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
उभयपक्षों के तर्कों पर विचार करने के बाद, सत्र न्यायाधीश एस शर्मा ने यह माना कि आत्महत्या और परिवार की हत्या ने अपराध की गंभीरता को बढ़ा दिया है। न्यायालय ने आरोपी संतोषी जगत को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत दोषी पाते हुए 5 वर्ष का कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त 6 माह का कारावास भुगतना होगा।
घटनास्थल से मिले साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने पर फोरेंसिक एक्सपर्ट, डॉग स्क्वायड और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे थे। घटना स्थल से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू की थी। इस घटना ने पैसे के लेन-देन में उपजे विवाद के गंभीर परिणामों को उजागर किया है।