फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Maa Matangi Divyadham Peethadhishwar Premasai said on Divya Darbar and Bageshwar Dham

'दिव्य दरबार की अनुमति नहीं मिली,तो दूंगा धरना': प्रेमासाई बोले- बागेश्वर धाम को अनुमति तो हमें क्यों नहीं

Wed, 14 Oct 2026 06:49 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Wed, 14 Oct 2026 06:49 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार के आयोजन को लेकर अनुमति का मुद्दा गरमाया हुआ है। मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर उनसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है? 

विज्ञापन
Maa Matangi Divyadham Peethadhishwar Premasai said on Divya Darbar and Bageshwar Dham
मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज - फोटो : Amar ujala digital

विस्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार के आयोजन को लेकर अनुमति का मुद्दा गरमाया हुआ है। मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाईं महाराज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर उनसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है? जब बागेश्वर धाम के कार्यक्रमों में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार लगते हैं, तब स्थानीय प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होती और कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगाई जाती। मेरे कार्यक्रम को अनुमति नहीं देना स्थानीय संतों का और मेरा अपमान है। इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति देने में आपत्ति क्यों है?

विज्ञापन




अनुमति नहीं मिली तो अन्न त्याग कर करेंगे आंदोलन
महाराज ने चेतावनी दी कि यदि दिव्य दरबार के आयोजन की अनुमति नहीं मिली, तो वे उसी स्थान पर अन्न त्याग कर अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 35 से 40 हजार श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अनुमति को लेकर प्रशासन के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। महाराज जी ने कहा कि उनका आंदोलन सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं होगा, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अच्छे हैं और सरकार भी अच्छी है। मुख्यमंत्री से उनकी भेंट भी हुई है और मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें आश्वासन भी मिला है।
विज्ञापन




महाराज कहा कि 24 से 28 अक्टूबर तक अवधपुरी मैदान गुढ़ियारी में यदि पहली बार दिव्य दरबार आयोजित करने में प्रशासन को कोई परेशानी है, तो वे इस बार अनुमति नहीं मिलने की स्थिति को स्वीकार कर सकते हैं। लेकिन भविष्य में नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। यदि एक संत को इस प्रकार के आयोजन की अनुमति दी जाती है, तो दूसरे संतों के साथ भी समान व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संतों को रोकने का प्रयास क्यों किया जा रहा है और इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है ?
विज्ञापन
विज्ञापन




मुख्यमंत्री और सरकार को बदनाम करने की कोशिश
महाराज ने कहा कि धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने या अनुमति के मामले में भेदभाव किए जाने से सरकार और मुख्यमंत्री की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस तरह की परिस्थितियां पैदा कर मुख्यमंत्री का नाम खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री या सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रशासन से समानता और निष्पक्षता की मांग करना है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों की अनुमति के मामले में सभी संतों और आयोजकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी संत या धार्मिक आयोजन के साथ भेदभाव की स्थिति पैदा न हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed