Mahasamund: धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस का पर्व, दुल्हन की तरह सजे गिरजाघर,सेंट पीटर्स चर्च में जमावड़ा
रविवार की मध्य रात्रि प्रभु यीशु के जन्मोत्सव को समाज के लोगों ने सेलिब्रेट किया। जिसके बाद आज सुबह से ही चर्च में प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। चर्च के पास्टर के द्वारा पहले बाइबल के वचनों को पढ़ा गया।
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महासमुंद जिले में आज क्रिसमस का पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया । ईसाई समुदाय के लोग गिरजाघर और अपने-अपने घरों में गौशाला बनाकर उसमें प्रभु यीशु का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया। महासमुंद के सभी गिरजाघरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। शहर के सबसे बड़े गिरजाघर सेंट पीटर्स चर्च में समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।
रविवार की मध्य रात्रि प्रभु यीशु के जन्मोत्सव को समाज के लोगों ने सेलिब्रेट किया। जिसके बाद आज सुबह से ही चर्च में प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। चर्च के पास्टर के द्वारा पहले बाइबल के वचनों को पढ़ा गया जिसके बाद गीत संगीत में झूमते हुए समाज के लोगों ने एक दूसरे को गले-लगाकर केक खिलाते हुए क्रिसमस की बधाई दी।
आपको बता दें कि ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था। जिसकी वजह से इस दिन को क्रिसमस के तौर पर मनाया जाता है। प्रभु यीशु का जन्म बेथलहम के एक गौशाला में हुआ था। इसलिए ईसाई समुदाय के लोग हर साल 25 दिसंबर क्रिसमस के अवसर पर गिरजाघरों और अपने घरों में गौशाला बनाते हैं। जिसमें लोग प्रभु यीशु का जन्म दिवस धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन को बड़ा दिन भी कहा जाता है। जो प्रेम, सद्भाव के साथ आपसी भाईचारे का प्रतीक है।