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Mahasamund: बम्हनी और चिंगरौद को जोड़ने वाला पुल मानसून की पहली बारिश में टूटा, आवागमन बाधित
Tue, 30 Jul 2024 02:30 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, महासमुन्द
अमर उजाला नेटवर्क, महासमुन्द
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 30 Jul 2024 02:30 PM IST
सार
महासमुंद जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम बम्हनी और चिंगरौद को जोड़ने वाली, सीतली नाला में बने पुल, मानसून की पहली ही बारिश में एक बार फिर टूट गया।
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पुल टूटने से आवागमन बाधित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महासमुंद जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम बम्हनी और चिंगरौद को जोड़ने वाली, सीतली नाला में बने पुल, मानसून की पहली ही बारिश में एक बार फिर टूट गया। पुल बीच से भी टूटा हुआ है लेकिन फूल के एक छोर से दूसरे छोर तक तकरीबन एक फिट के गड्ढे बन गए हैं। जिस पर से आवागमन पूरी तरह से बाधित है। लोग जान जोखिम में डालकर इस पुल के रास्ते को पार कर रहे हैं।
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आपको बता दें की यह चिंगरौद और बम्हनी व जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है। पिछले साल भी यह पुल बारिश में टूट गया था और पुल के दोनों तरफ चार से पांच फीट गहरे गड्ढे हो गए थे जिसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने खाना पूर्ति कर गिट्टी से पैक कर दिया था। ग्रामीणों के द्वारा लगातार शिकायत किया गया, मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाया गया और विभागीय मंत्री तक को भी आवेदन दिया गया है। लेकिन अभी तक इस पुल की मरम्मत नहीं हुआ है, जिसके कारण इस साल की पहली बारिश में पुल के दोनों तरफ फिर से गड्ढे बन गए हैं।
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ग्रामीण बताते हैं कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। रिपेयरिंग करने के बाद पुल फिर से टूट जाता है। कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं इस पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। जब ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिलते है कि, पुल के दोनों तरफ फिर से गड्ढा हो गया है तो आनन फानन में अधिकारी पहुंचकर पत्थर और गिट्टी डालकर खाना पूर्ति कर देते हैं। लेकिन अभी तक इस पुल को नया बनाने या रास्ते की मरम्मत करने की पहल नहीं किया गया है।
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