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CG: टॉप माओवादी लीडर राजू सलाम समेत 100 से ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर! बीएसएफ कैंप में डाले हथियार

अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Wed, 15 Oct 2025 06:33 PM IST
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सार

CG Naxalites surrender News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेडा थाना क्षेत्र में 100 से ज्यादा नक्सलियों के सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण करने की खबर सामने आ रही है। 

Over 100 Naxalites including top Maoist leader Raju Salam surrender in Kanker; lay down their arms at BSF camp
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार

CG Naxalites surrender News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेडा थाना क्षेत्र में 100 से ज्यादा नक्सलियों के सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण करने की खबर सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं। चर्चा है कि कोयलीबेडा थाना क्षेत्र के कामतेड़ा बीएसएफ कैंप में करीब 100 से ज्यादा नक्सलियों ने हथियार के साथ सरेंडर किया है। कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में अब तक का ये सबसे बड़ा नक्सलियों का सरेंडर है।

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इस मामले में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बीएसएफ कैंप में दो बसें आ रही हैं। फिर उसके पीछे तीन कार आ रही हैं। इसके बाद एक पुलिस की गाड़ी दिख रही है। आस-पास फोर्स के जवान तैनात हैं। चारों तरफ से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद दिख रही है। बैरिकेड्स भी लगाये गये हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली गेंडाबेड़ा गांव तक पैदल चलते हुए आए और फिर पुलिस की बस में बैठकर बीएसएफ कैंप तक पहुंचे। 
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सरेंडर करने वाले नक्सलियों में रावघाट एरिया कमेटी के टॉप नक्सली लीडर राजू सलाम,मीना, प्रसाद,भास्कर समेत 100 से ज्यादा नक्सली शामिल हैं। ये सभी नक्सली बीती शाम को सरेंडर करने वाले थे, लेकिन किसी कारण से आज बुधवार दोपहर को सरेंडर करने पहुंचे। फिलहाल, ये मालूम नहीं चला है कि किस नक्सली के ऊपर कितने रुपये का इनाम है। 

चर्चा है कि पुलिस इन सभी नक्सलियों का पहले रिकॉर्ड खंगालेगी और संभवत: कल या परसों इस संबंध में जानकारी दी जायेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पत्रकारों को कवरेज से रोका गया है। बताया जाता है कि ये सभी नक्सली रावघाट एरिया कमेटी और माड़ डिवीजन में सक्रिय थे। माना जा रहा है कि इन सभी नक्सलियों के सरेंडर करने से कांकेर जिला नक्सलमुक्त हो जाएगा। 






दूसरी ओर सुकमा में 50 लाख के इनामी समेत 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा जिले में बुधवार को कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 50 लाख रुपये के इनामी नक्सली भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर-एक के दो हार्डकोर सदस्य, एक सीपीआई (माओवादी) डिवीजन स्तर का कैडर, एक पार्टी कार्यकर्ता और 11 संगठनात्मक सदस्य शामिल हैं। सभी ने सुकमा जिला मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई

आत्मसमर्पण करने वालों में 10 महिलाएं और 17 पुरुष माओवादी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों पर अलग-अलग स्तर पर इनाम घोषित था। एक पर 10 लाख, तीन पर आठ-आठ लाख रुपये, एक पर तीन लाख रुपये, दो पर दो-दो लाख रुपये और नौ पर एक-एक लाख रुपये। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रही छत्तीसगढ़ नवसंकल्प आत्मसमर्पण नीति और नियत नेल्ला नार योजना का असर अंदरूनी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है।

इस आत्मसमर्पण अभियान को सफल बनाने में जिला पुलिस बल, डीआरजी, एसटीएफ, बीजापुर-सुकमा इंटेलिजेंस शाखा और सीआरपीएफ की 74, 131, 151, 216, 217 व 203 बटालियन की अहम भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि नक्सल संगठन में बढ़ती अव्यवस्था, आर्थिक शोषण और हिंसक गतिविधियों से असंतुष्ट होकर इन माओवादियों ने यह कदम उठाया। सभी आत्मसमर्पित कैडरों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
 

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार - बस्तर अंचल में विश्वास, सुरक्षा और विकास का नया युग
सीएम साय ने ट्वीट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज 50 लाख के इनामी नक्सली सहित कुल 27 सक्रिय माओवादियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सलवाद अब अपने अंत की ओर अग्रसर है। जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का साया था, आज वहां विकास, संवाद और विश्वास की नई रोशनी पहुंच रही है। पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के हार्डकोर माओवादी सहित विभिन्न स्तरों पर सक्रिय सदस्यों का आत्मसमर्पण, हमारी "नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025" और "नियद नेल्ला नार" योजना की सफलता का प्रमाण है। शासन की संवेदनशील पहल, लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास से ही यह परिवर्तन संभव हुआ है। हमारे सुरक्षाबलों- पुलिस, डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा और एसटीएफ ने अदम्य साहस और संयम के साथ इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ पर पहुँचाया है। यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीतियों और भटके हुए लोगों के प्रति अपनाई गई संवेदनशील दृष्टि का परिणाम है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में देश नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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