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भाटापारा: मानसून में जलभराव से निपटने के लिए रेलवे ने उठाए विशेष कदम, अंडर ब्रिज में लगाए उच्च क्षमता वाले पंप
Fri, 04 Jul 2025 07:48 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 04 Jul 2025 07:48 PM IST
सार
रायपुर रेल मंडल ने मानसून में जलभराव से निपटने के लिए 52 अंडर ब्रिजों में गहन सफाई, जल निकासी और 5-20 हॉर्स पावर के मोटर पंप की व्यवस्था की। ट्रैक और ब्रिजों की निगरानी, बोल्डर हटाने और ड्रेनेज डायवर्जन जैसे कदमों से यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध रेल सेवा सुनिश्चित की जा रही है।
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अंडर ब्रिज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल ने मानसून के दौरान रोड अंडर ब्रिज में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं। आम नागरिकों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने अंडर ब्रिजों की गहन सफाई, जल निकासी की विशेष व्यवस्था और 5 से 20 हॉर्स पावर के उच्च क्षमता वाले मोटर पंप लगाए हैं।
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रायपुर रेल मंडल में कुल 52 अंडर ब्रिज हैं, जिनमें से 9 का रखरखाव राज्य शासन और 43 का रेलवे द्वारा किया जाता है। सभी अंडर ब्रिजों पर जलभराव रोकने के लिए ग्रेविटी फ्लो और दो-दो मोटर पंप की व्यवस्था की गई है। बलौदा बाजार, भाटापारा, बिल्हा, टोर, बरबंधा, नेहुरडीह, मांढर, टेकरी, सन्यासीपारा, अमानाका, डुमरतलाब, उरला, सिरसा, सुपेला, भिलाई पावर हाउस, नेहरू नगर, रायपुर नाका, मंदिर हसौद, लखोली और दुर्ग-दल्लीराजहरा के अंडर ब्रिजों में यह व्यवस्था लागू है। आपात स्थिति के लिए प्रत्येक अंडर ब्रिज पर रेल कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किए गए हैं।
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रेलवे ट्रैक पर बने ब्रिजों की विशेष निगरानी की जा रही है। पानी के स्तर की पेट्रोलिंग, ट्रैक की स्थिति पर नजर और पाइप के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बोल्डर स्खलन रोकने के लिए ढीले बोल्डर हटाए गए और ड्रेनेज सिस्टम को ट्रैक से दूर डायवर्ट किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे गश्ती दल तैनात हैं, और तूफान में गिरने वाले पेड़ों की छंटाई पहले ही पूरी की जा चुकी है। ट्रैक सर्किट क्षेत्रों में क्रॉस ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।रेलवे प्रशासन का यह प्रयास मानसून में यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध रेल सेवा के लिए सराहनीय है।
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