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CG News: भारतमाला मुआवजा घोटाले पर सख्ती, अब हर खसरा नंबर की होगी जांच; नई टीमें गठित
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 02 May 2026 01:27 PM IST
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सार
रायपुर में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के आरोपों के बीच प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच के लिए दो नई टीमों का गठन किया गया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा वितरण में गड़बड़ी के आरोपों के बीच प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच के लिए दो नई टीमों का गठन किया गया है। इस बार जांच का दायरा व्यापक रखा गया है, जिसमें सभी खसरा नंबरों की पड़ताल की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार अब केवल शिकायत वाले मामलों तक जांच सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिन जमीनों पर मुआवजा दिया गया है, उन सभी खसरों की विस्तार से जांच होगी। अधिकारियों को एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर जिले में जांच की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह की टीम को सौंपी गई है, जबकि धमतरी जिले में अपर कलेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह सामने आया था कि इस प्रकरण में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल इस मामले में डिप्टी कलेक्टर स्तर के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन टीमें जांच कर चुकी हैं, लेकिन वे केवल शिकायत आधारित मामलों तक सीमित थीं। अब प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हर खसरा नंबर की जांच का निर्णय लिया है।
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प्रशासन के अनुसार अब केवल शिकायत वाले मामलों तक जांच सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिन जमीनों पर मुआवजा दिया गया है, उन सभी खसरों की विस्तार से जांच होगी। अधिकारियों को एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रायपुर जिले में जांच की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह की टीम को सौंपी गई है, जबकि धमतरी जिले में अपर कलेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह सामने आया था कि इस प्रकरण में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल इस मामले में डिप्टी कलेक्टर स्तर के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी तीन टीमें जांच कर चुकी हैं, लेकिन वे केवल शिकायत आधारित मामलों तक सीमित थीं। अब प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हर खसरा नंबर की जांच का निर्णय लिया है।
