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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: कवासी लखमा बोले- जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, कौन पटाएगा उनका कर्ज?

Raipur bureau रायपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 03:26 PM IST
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chhattisgarh assembly budget Session, kawsi lakhma on paddy
पूर्व मंत्री कवासी लखमा
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छत्तीसगढ़  विधानसभा बजट सत्र के दौरान 9 मार्च को धान खरीदी को लेकर कांग्रेस ने मंत्री दयालदास बघेल को घेरा। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार धान खरीदी के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। मंत्री से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
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विधायक लखेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल के समय वर्ष 2025-26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि धान खरीदी के संबंध में जो जानकारी दी गई है, उसमें धान खरीदी कब शुरू हुई और किस्त का भी उल्लेख करेंगे? इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में कुल 46846.86, बीजापुर में 21888.59, दंतेवाड़ा में 9757, कांकेर में 147528.3, कोंडागांव में 58911.78, नारायणपुर में 17383.06 और सुकमा में 16608.14 मीट्रिक टन धान का कुल उठाव किया गया है।
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विधायक लखेश्वर ने कहा कि किसान लगातार एसडीएम कार्यालय और हर जगह चक्कर काट रहा है। सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में हो रहा है, कोई पानी डाल रहा है, तो कोई ईंट खरीद रहा है। इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। कितने किसानों को वनाधिकार संख्या जारी है, और कितने ऋणधारी है? इस पर मंत्री ने बताया कि जितना धान अभी बिका है, वह किसी भी वर्ष नहीं बिका है.


पूर्व सीएम ने भूपेश बघेल ने सवाल करते हुए पूछा कि बस्तर के कितने किसान हैं, जिनका दूसरा टोकन कटा है लेकिन धान नहीं बेच सके? ऐसे कितनी ऋणी किसान हैं, जिनका टोकन कटा फिर भी धान नहीं बेच सके? जो किसान ऋणी है उनका धान खरीदेंगे क्या या उनका कर्जा माफ करेंगे? धान खरीदी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवालों के जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भी ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा गया था।


पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने खाद्य मंत्री से पूछा कि बस्तर संभाग के आदिवासी 32200 से ज्यादा किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि किसानों का धान खरीदा जाएगा या किसानों का कर्जा चुकाया जाएगा।  खाद्य मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि जो किसानों धान खरीदी केंद्र तक धान लेकर पहुंचे थे, उनका धान हमने खरीदा है, जो नहीं पहुंचे उनका धान नहीं खरीदा गया। फिर लखमा ने कहा कि किसानों का पंजीयन हुआ, टोकन कटा, लेकिन उसके बाद भी किसान से धान नहीं खरीदा गया। बस्तर के किसानों को धान का 206 करोड़ रुपया मिलना था, उन किसानों का अब क्या होगा? किसानों ने कर्जा लिया है, उसको कौन पटाएगा. खाद्य मंत्री ने कहा कि जो भी किसान ऋण लेता है, उसका धान खरीदा जाता है पर धान खरीदा उनका जाता है, जो खरीदी केंद्र तक आते हैं स पर लखमा ने कहा कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया है, उनका कर्जा कौन पटाएगा?

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