{"_id":"64ba33eac2ba9989760f5188","slug":"sambhar-died-in-sonakhan-forest-range-in-bhatapar-2023-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonakhan Forest Range : सात दिन के अंदर एक और वन्य प्राणी की मौत, जिम्मेदार अनजान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonakhan Forest Range : सात दिन के अंदर एक और वन्य प्राणी की मौत, जिम्मेदार अनजान
Fri, 21 Jul 2023 01:01 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 21 Jul 2023 01:01 PM IST
सार
भाटापार जिले के सोनाखान वन परिक्षेत्र में एक नर सांभर मृत अवस्था में मिला। लोगों का कहना है कि सांभर आवारा कुत्तों का शिकार बन गया है। एक सप्ताह पहले भी एक वन्यप्राणी की मौत का मामला सामने आया था।
विज्ञापन
सांभर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कसडोल विकासखंड के सोनाखान वन परिक्षेत्र में शुक्रवार को एक नर सांभर मृत अवस्था मे मिला। सांभर की मौत का कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन वन ग्राम वासियों के अनुसार यह सांभर भी आवारा कुत्तों का शिकार बन गया है। एक सप्ताह के अंदर वन्यप्राणी की मौत का यह दूसरा मामला है।
विज्ञापन
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, आज गुरुवार की दोपहर सोनाखान वन परिक्षेत्र के देवतराई बीट में एक बड़ा सांभर मृत पड़ा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। दोपहर बाद वन विभाग के अफसरों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत वन्य प्राणी का पंचनामा किया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया सांभर की मौत का कारण आवारा कुत्तों का हमला या बीमारी हो सकती है। मृत वन्य प्राणी का अग्निदाह करने से पहले पोस्टमोर्टम करवाना आवश्यक है, लेकिन पशु चिकित्सक के नहीं आ पाने के कारण पोस्टमोर्टम नहीं हो पाया है, जिससे मृत्यु का कारण अज्ञात ही माना जा रहा है।
विज्ञापन
करोड़ों खर्च के बाद भी सुरक्षा नहीं
बता दें कि शासन द्वारा वन एवं वन्य प्राणियों को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता व वन क्षेत्रों में पर्याप्त गस्त ने होने के कारण वन्य प्राणियों का शिकार हो रहा है। इस क्षेत्र में हाथी, तेंदुआ, चीतल, बायसन और खरगोश शिकार के मामले लगातार सुर्खियों में रहते हैं।
विज्ञापन