{"_id":"69afeaa289edaf06d206c979","slug":"taste-of-snacks-from-aastha-cafe-in-the-assembly-efforts-of-inmates-of-central-jail-raipur-appreciated-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG News: विधानसभा में 'आस्था कैफे' के नमकीन का स्वाद, केंद्रीय जेल रायपुर के बंदियों के प्रयासों की सराहना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG News: विधानसभा में 'आस्था कैफे' के नमकीन का स्वाद, केंद्रीय जेल रायपुर के बंदियों के प्रयासों की सराहना
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 10 Mar 2026 03:26 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में सोमवार को एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों द्वारा संचालित ‘आस्था कैफे’ में तैयार किए गए नमकीन उत्पादों का प्रदर्शन और वितरण किया गया।
विधानसभा में 'आस्था कैफे' के नमकीन का स्वाद
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में सोमवार को एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों द्वारा संचालित ‘आस्था कैफे’ में तैयार किए गए नमकीन उत्पादों का प्रदर्शन और वितरण किया गया। विधानसभा के सदस्यों ने इन उत्पादों का स्वाद लिया और उनकी गुणवत्ता व स्वाद की सराहना की।
यह पहल उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जेलों को केवल दंड देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस तरह की गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे सजा पूरी होने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें। नमकीन जैसे उत्पादों का निर्माण बंदियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने जेल प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल बंदियों के व्यक्तित्व विकास और उनके पुनर्वास में सहायक साबित हो रही है। वहीं विधानसभा के जनप्रतिनिधियों द्वारा उत्पादों की सराहना मिलने से बंदियों को आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
Trending Videos
यह पहल उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जेलों को केवल दंड देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस तरह की गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे सजा पूरी होने के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें। नमकीन जैसे उत्पादों का निर्माण बंदियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने जेल प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल बंदियों के व्यक्तित्व विकास और उनके पुनर्वास में सहायक साबित हो रही है। वहीं विधानसभा के जनप्रतिनिधियों द्वारा उत्पादों की सराहना मिलने से बंदियों को आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलेगी।