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बलरामपुर: हिंडालको माइन्स की मनमानी से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर को सौंपी मांगों की सूची
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 11 Sep 2025 04:20 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले स्थित हिंडालको माइन्स कंपनी के कथित तानाशाही रवैये से तंग आकर कुसमी विकासखंड के कंजिया ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय का रुख किया।
हिंडालको माइन्स की मनमानी से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर को सौंपी मांगों की सूची
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले स्थित हिंडालको माइन्स कंपनी के कथित तानाशाही रवैये से तंग आकर कुसमी विकासखंड के कंजिया ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय का रुख किया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कंपनी की भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के साथ-साथ टूटी-फूटी सड़क की मरम्मत की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क अब पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण है कंपनी के भारी-भरकम वाहनों का लगातार गुजरना। रोजाना सैकड़ों ट्रक और डंपर इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है और हर वक्त हादसे का खतरा मंडराता रहता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, कंपनी के हौसले और बुलंद हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और भारी वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में महिलाओं से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल कदम उठाकर उन्हें राहत दिलाए, वरना आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र हो सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क अब पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण है कंपनी के भारी-भरकम वाहनों का लगातार गुजरना। रोजाना सैकड़ों ट्रक और डंपर इस मार्ग से निकलते हैं, जिससे सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है और हर वक्त हादसे का खतरा मंडराता रहता है।
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लोगों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, कंपनी के हौसले और बुलंद हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और भारी वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में महिलाओं से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल कदम उठाकर उन्हें राहत दिलाए, वरना आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र हो सकता है।